Kartarpur corridor anniversary: पंजाब के सीएम चन्नी ने पीएम मोदी से की अपील, प्रकाश पर्व से पहले खोलें कॉरिडोर
गुरदासपुर, 9 नवंबर: करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत की आज दूसरी वर्षगांठ है। 2019 में 9 नवंबर को ही इसकी शुरुआत हुई थी। पिछले दो वर्षों से कोविड महामारी की वजह से यह कॉरिडोर बंद है और भारत से तीर्थ यात्री मत्था टेकने के लिए पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब नहीं जा पा रहे हैं। आज पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि इस महीने गुरु नानक देव जी के पवित्र प्रकाश पर्व से पहले यह कॉरिडोर फिर से खोल दिए जाएं। इस बीच पंजाब में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने इस कॉरिडोर की दूसरी वर्षगांठ पर डेरा बाबा नानक पहुंचकर अरदास की है।

सीएम चन्नी ने पीएम से की कॉरिडोर खोलने की अपील
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोले जाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से अपने ट्विटर के जरिए अपील की है। उन्होंने इस संबंध में पिछले महीने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी भी शेयर की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, 'फिर से कह रहा हूं, मैं पीएम नरेंद्र मोदी से अपील करता हूं कि इस महीने गुरु नानक देव जी के पवित्र प्रकाश पर्व से पहले करतारपुर कॉरिडोर खोल दें। पिछले महीने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह दोनों को खत लिखा था कि तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब की यात्रा की अनुमति दें।'(पहली तस्वीर, 9 नवंबर, 2019)

पिछले साल मार्च से ठप है कॉरिडोर
पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब तक बिना-वीजा की यात्रा के लिए बने करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत आज ही के दिन दो साल पहले हुई थी। 4.7 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का उद्घाटन 9 नवंबर, 2019 को गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व (जयंती) के अवसर पर किया गया था। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि गुरुद्वारा दरबार साहिब ही सिख धर्म के संस्थापक की समाधि स्थल है। देश के बंटवारे के बाद करीब 70 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार होने की वजह से यह पवित्र धर्म स्थान नजरअंदाज ही रहा था। करतारपुर कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव सबसे पहले 1999 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने रखा था। यह प्रस्ताव दिल्ली-लाहौर बस कूटनीति का ही हिस्सा था। करतारपुर कॉरिडोर शुरू होने से पहले तीर्थयात्रियों को दरबार साहिब जाने के लिए पहले बस से लाहौर तक जाना पड़ता था, जो कि करीब 125 किलोमीटर लंबी यात्रा होती थी। इस समय इस कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान की यात्रा पूरी तरह से निलंबित है और पड़ोसी मुल्क ने इस साल अप्रैल से कोरोना महामारी की वजह से भारत से सभी तरह की यात्राओं पर पाबंदी लगा रखी है। वैसे यह कॉरिडोर पिछले साल मार्च से ही ठप है।
सिद्धू ने डेरा बाबा नानक पहुंचकर की अरदास
इस बीच पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धू ने भी मंगलवार को पंजाब के गुरदासपुर जिला स्थिति डेरा बाबा नानक पहुंचकर पवित्र दर्शन स्थल से अरदास की है। वह पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले इस कॉरिडोर को खुलवाने की कोशिशों में लगे हुए हैं। क्योंकि, पंजाब विधानसभा चुनावों में भी यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। वैसे भी अफगानिस्तान में बदले हालातों में पाकिस्तान ने जो सक्रिय भूमिका निभाई है, उसकी वजह से भारत को भी कोई फैसला लेने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा को भी ध्यान में रखना जरूरी है।












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