पंजाब चुनाव: BJP में सिख चेहरों को अहम जिम्मेदारी, जीत के लिए पार्टी की क्या है प्लानिंग? पढ़िए इनसाइड स्टोरी
किसान आंदोलन जद में आने के बावजूद विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा से टिकट के लिए मारामारी चल रही है। जालंधर नार्थ हलके में भाजपा से टिकट के लिए कई दावेदार हैं।
चंडीगढ़, सितंबर 7, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी भी संगठन को मज़बूती देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पंजाब में भारतीय जनता पार्टी ने रिटयर्ड कर्नल जयबंस सिंह भाजपा पंजाब का मीडिया सलाहकार और कुलदीप सिंह कहलों को पैनलिस्ट के तौर पर नियुक्त किया है। कर्नल सिंह और कहलों के अलावा और भी कई लोगों को अहम ज़िम्मेदारियां दी गई हैं।

BJP ने दी अहम ज़िम्मेदारी
जालंधर के हरविंदर सिंह कहलों को प्रदेश प्रवक्ता, अमृतसर के डॉ जसविंदर सिंह ढिल्लों को बौद्धिक प्रकोष्ठ का राज्य सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। पटियाला के जगोंहन सिंह सैनी को पंचायती राज प्रकोष्ठ का सह संयोजक, पटियाला की कविता सरोवाल और जीवन महाजन को विशेष आमंत्रित, फरीदकोट के सुखपाल बराड़ और बटाला के बलजिंदर सिंह डकोहा को सह संयोजक बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब के सभी प्रमुख सिख चेहरों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। ग़ौरतलब है कि 16 जून को सभी लोगों को पार्टी में शामिल किया गया था। भारतीय जनता पारटी के ख़ास क़दम से साफ़ ज़ाहिर होता है कि शिरोमणि अकाली दल (SAD) से अलग होने के बाद भाजपा पैन-पंजाब सिग्नेचर बनाने की अपनी नीति अपना रही है।
टिकट के लिए दावेदार कौन ?
किसान आंदोलन जद में आने के बावजूद विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा से टिकट के लिए मारामारी चल रही है। जालंधर नार्थ हलके में भाजपा से टिकट के लिए कई दावेदार हैं। इनमें पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मेयर राकेश राठौर, पूर्व विधायक कृष्णदेव भंडारी और पूर्व मेयर सुनील ज्योति शामिल हैं। तीनों नेता नार्थ हलके में एक्टिव हो चुके हैं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जनता से भी संपर्क साध रहे हैं। पार्टी में इनके नाम को लेकर चर्चा भी शुरू हो चुकी है।
भाजपा किस प्रत्याशी पर लगाएगी दांव ?
शहरी इलाके में इस बार चार से पांच उम्मीदवार हर सीट से होने की संभवान जताई जा रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी शहरी सीटों पर ही ज़्यादा फोकस कर रही है। अकाली दल से अलग होने के बाद भाजपा को शहरों में ज्यादा नुकसान नहीं होगा, क्योंकि शहरों में अकाली दल का वोट बैंक भी ज्यादा नहीं है। इस बार मुकाबला कांग्रेस, आप, अकाली-बसपा और भाजपा में होना है। कांग्रेस से अगर कोई बागी मैदान में उतरता है तो भाजपा के लिए राह और आसान हो सकती है। जालंधर नार्थ हलके से भाजपा से टिकट के लिए जिला भाजपा अध्यक्ष सुशील शर्मा भी दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन पार्टी उन्हें संगठन की जिम्मेदारी से आज़ाद नहीं करना चाह रही है । टिकट पर नवल किशोर कंबोज, रवि महेंद्रू और मिटा कोछड़ भी दावा कर सकते हैं।
टिकट की दावेदारी पर टिकी निगाहें
आपको बता दें कि कृष्णदेव भंडारी नार्थ हलके से लगातार दो बार विधायक रह चके हैं। लेकिन पार्टी के खिलाफ बगावत करने वाले पूर्व मंत्री अनिल जोशी से क़रीब होना और किसान आंदोलन को लेकर अपनी ही पार्टी को घेरने से टिकट मिलने में पेरशानी पैदा हो सकती है। वहीं राकेश राठौर पंजाब भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष हैं और शहर के मेयर भी रह चुके हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं के भी ख़ास माने जाते हैं। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से करीबी तालुक़ात की वजह से उन्हें फायदा पहुंच सकता है। वहीं सुनील ज्योति पार्टी के तेजतर्रार नेता माने जाते हैं। शहर के मेयर रह भी चुके हैं। जनता के बीच काफ़ी अच्छी पकड़ भी है। टिकट की दावोदारी के लिए ये पैमाना काम आ सकता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी किसे टिकट देती है इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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