Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

पंजाब: केजरीवाल का अगर यह फॉर्मूला हुआ कामयाब तो सत्ता पर क़ाबिज़ हो सकती है AAP

किसान आंदलोन स्थगित होने के बाद अब सियासी दलों की निगाह किसान संगठनों के नेताओं पर टिकी हुई हैं।

चंडीगढ़, 10 दिसंबर 2021। किसान आंदलोन स्थगित होने के बाद अब सियासी दलों की निगाह किसान संगठनों के नेताओं पर टिकी हुई हैं। सभी सियासी दलों को यह लग रहा है कि किसानों के सहारे वह अपनी सियासी सफ़र को कामयाब बना लेंगे। इसी कड़ी में कुछ किसान संगठन तो खुद ही पंजाब के चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा की कोर कमीटि के अध्यक्ष दर्शन पाल ने साफ़ कर दिया है कि सियासत में जाने वाले किसान नेताओं को संगठन छोड़ देना चाहिए। संयुक्त किसान मोर्चा को 'गैर राजनीतिक' रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों को पंजाब में स्थिति बदलने के लिए अब एक दबाव समूह बनाना चाहिए,राजनीतिक दल नहीं।

अरविंद केजरीवाल का नया दांव

अरविंद केजरीवाल का नया दांव

किसान आंदोलन स्थगित होने के बाद अब किसान अपने 11 दिसंबर को घर वापसी करने जा रहे हैं। वहीं अब किसान आंदोलन में अलग-अलग किसान संगठनों की रहनुमाई कर रहे नेताओं पर सियासी दलों की निगाहें टिकी हुई है। सूत्रों की मानें तो भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष बलवीर सिंह राजेवाल से आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता संपर्क में हैं और उन्हें पंजाब में आम आदमी पार्टी की तरफ़ से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जा सकता है। वहीं पंजाब की दूसरी सियासी पार्टियां भी किसान संगठनों के दिग्गज चेहरों को अपनी पार्टी में शामिल करने की रणनीति तैयार कर रही है। जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने किसानों के घर वापसी के बाद की आम आदमी पार्टी ने रणनीति तैयार की है, अगर वह कामयाब हो जाती है तो निश्चित तौर पर पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता पर काबिज़ हो सकती है। पंजाब की सियासत में किसान संगठन अहम किरदार निभा सकता है।

किसान नेता भी कर रहे चुनाव की तैयारी

किसान नेता भी कर रहे चुनाव की तैयारी

पंजाब में कुछ किसान नेता चुनावी रण में उतरने के लिए मोर्चा बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी अपनी सियासी पार्टी बनाकर चुनावी रण में उतरने की बात कर रहे हैं। वहीं जम्हूरी किसान सभा के नेता कुलवंत सिंह संधू भी पंजाब विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र रूप से मोर्चा बनाते हुए किसानों को चुनाव के मौदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। गुरनाम सिंह चढूनी के बाद किसान नेता कुलवंत सिंह संधू चुनावी रण में दांव लगाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो बिना किसी सियासी दलों के साथ गठबंधन करते हुए भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए किसान नेता चुनाव लड़ेंगे।

कैप्टन की भी किसान नेताओं पर टिकी निगाहें

कैप्टन की भी किसान नेताओं पर टिकी निगाहें

13 दिसंबर के बद पंजाब में भारतीय जनता पार्टी अपनी चुनावी रैली आयोजित करने जा रही है। किसान आंदोलन की वजह से पहले पंजाब में भारतीय जनता पार्टी सक्रिय नहीं हो पा रही थी लेकिन अब कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी पंजाब में खोई हुई ज़मीन पर वापस पकड़ बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। सियासी गलियारों में यह भी चर्चाएं जोरों पर हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह किसान संगठने के कुछ दिग्गज चेहरों को अपने साथ लाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं। किसानों की घर वापसी के बाद कैप्टन अपनी चुनावी चाल चलते हुए पंजाब की सियासी फिज़ा बदलने की तैयारी में हैं।


ये भी पढ़ें: पंजाब: सुच्चा सिंह छोटेपुर के शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने के बाद से बदली सियासी फ़िज़ा, जानिए कैसे ?

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+