Pulwama Attack: 2 दिन पहले घर से गए मनिंदर ने पिता से कहा था- अबकी लौटूंगा तो शादी की बात होगी
Pulwama Terror Attack, Martyrdom News, गुरदासपुर। जम्मू-कश्मीर में अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ (CRPF) के 44 जवानों में एक गुरदासपुर के मनिंदर सिंह भी हैं। 27 साल के मनिंदर 2 दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटे थे कि शहादत की खबर आ गई। उनके घर में उनकी शादी की तैयारी चल रही थीं और घर से से लौटते वक्त उन्होंने अपने पिता से कहा था कि अगली बार आऊंगा तो जरूर बताउंगा कि शादी कब करनी है।'

रात 12 बजे मनिंदर सिंह के घर फोन की घंटी बजी
मनिंदर सिंह गुरदासपुर के दीनानगर के क्षेत्र आरिया नगर के रहने वाले थे। गुरुवार की रात उनके इस गांव में जब सब लोग सो चुके थे, तो करीब 12 बजे घर पर फोन की घंटी बजी। कोई समझ नहीं पाया, लेकिन जब उनके पिता सतपाल सिंह ने फोन उठाया तो जो उन्हें सुनने को मिला उसका उन्हें अंदाजा भी नहीं था। उन्हें सुनने को मिला कि उनका बेटा पुलवामा में शहीद हो चुका है।

शादी की तैयारी लगे थे पिता, दूसरे भाई भी सीआरपीएफ में
यह खबर मिलते ही पिता सतपाल सिंह बदहवास हो गए। जिस बेटे की वह शादी कराना चाहते थे वह तो मातृभूमि की बलवेदी पर कुर्बान हो गया। सतपाल सिंह पंजाब रोडवेज से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वहीं, उनके दूसरे बेटे भी सीआरपीएफ में हैं। वह इन दिनों आसम में तैनात हैं।

बहुत छोटे थे तब मनिंदर सिंह की मां चल बसीं
जानकारी के अनुसार, मनिंदर सिंह की मां की मौत पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में पिता ने ही अपने दोनों बेटों का पालन-पोषण किया। उनका कहना है कि एक तरफ उन्हें अपने बेटे बेटे की शहादत पर गर्व है, वहीं सरकार पर गुस्सा भी है कि पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम क्यों नहीं उठा रही है। उन्हें गर्व है कि उनका बेटा भारत मां के लिए शहीद हुआ है, लेकिन वह भारत सरकार से नाराज हैं। दुश्मन हर बार उनके सैनिकों को निशाना बनाता है और सेना व सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं, बदला क्यों नहीं लेतीं।












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