पंजाब दी गल: बिक्रम सिंह मजीठिया के सवालों में घिरी सरकार, नवजोत सिंह सिद्धू की भी बढ़ी मुश्किलें
विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने अपनी ही पार्टी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है।
चंडीगढ़,27 जनवरी 2022। विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने अपनी ही पार्टी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि टिकट बंटवारे में आलाकमान ने पक्षपात किया है। जब एक परिवार से एक टिकट देने का नियम पार्टी ने बनाया था तो फिर एक परिवार में ही दो टिकट किस आधार पर दिए गए। वहीं कई कांग्रेस के कई नेताओं ने तो टिकट कटने के बाद भी चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। चुनावी समर में बिक्रम सिंह मजीठिया ने अपने गढ़ को छोड़ कर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ़ अमृतसर पूर्व से चुनाव लड़ने का एलान किया है। इसी के साथ ही मजीठिया ने अपने सवालों से पंजाब सरकार को घेरने की कोशिश भी की है। पंजाब दी गल में आज हम आपको इन्हीं सब ख़बरों से रूबरू करवाने जा रहे हैं।

मजीठिया के सवालों में घिरी पंजाब सरकार
पंजाब में ड्रग्स केस मामले में गिरफ्तारी से राहत मिलने के बाद शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार को ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे की कैपिटल इन्वेस्टमेंट 18 लाख रुपये ही है। इसके बावजूद उसके पासे से 10 करोड़ रुपये कैश और 15 लाख की घड़ी मिली है। इस मामले में चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ़ चांज क्यों नहीं की जा रही है। मजीठिया ने कहा कि एक ऑडियो में सुना कि पीओ के कहने पर पुलिस वाले क् तबादले डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने किए। पंजाब में ड्रग्स और आरडीएक्स के बारे में भी पीओ को जानकारी थी। वह ड्रग्स तस्कर भोला से बात कर रहा था, क्या गृह मंत्री भी इस मामले में शामिल है। बिक्रम मजीठिया ने कहा कि इन सब मामले की जांच एनआईए द्वारा करवाई जाए साथ ही चुनाव आयोग भी संज्ञान ले।

बिक्रम मजीठिया ने क्यों छोड़ा अपना गढ़ ?
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया अमृतसर पूर्व से नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के ख़िलाफ़ चुनाव लड़कर बिक्रम सिंह मजीठिया नवजोत सिंह सिद्धू का अहंकार तोड़ेंगे। सियासी गलियारों में यह भी चर्चा ज़ोरों पर है कि ड्रग्स केस की वजह से बिक्रम सिंह मजीठिया ने सिद्धू को हराना आन पर ले लिया है। बिक्रम सिंह मजीठिया पूरी रणनीति तैयार कर रहे हैं किस तरह सिद्धू को उनके ही गढ़ में मात दे सकें। वहीं दूसरी तरफ़ कैप्टन अमरिंदर सिंह भी नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू के लिए इस बार विधानसभा चुनाव काफी चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है, कयोंकि दो अलग-अलग सियासी दलों के दिग्गज नेताओं ने सिर्फ़ उन्हें (सिद्धू) को हराने के लिए मोर्चा खोल दिया है।

कांग्रेस के बाग़ी नेताओं का क्या है प्लान ?
पंजाब कांग्रेस की दूसरी सुची जारी होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशियों ने अपनी पार्टी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। दूसरी सुची में नाम जगह नहीं मिलने के बाद सतविंदर बिट्टी साहनेवाल से और समराला से मौजूदा विधायक अमरीक सिंह ढिल्लो ने चुनावी मैदान में उतरने का का ऐलान कर दिया है। वहीं फिरोजपुर देहाती से मौजूदा विधायक सत्कार कौर ने टिकट कटने के बाद अपने समर्थकों की बैठक बुलाई है। टिकट कटने के बाद दमन बाजवा ने कहा कि पार्टी ने भले ही मेरी सुनाम से टिकट छीन ली है, लेकिन मुझसे सुनाम कोई नहीं छीन सकता है। मेरे समर्थक मेरे साथ है इसलिए मुझे किसी चीज की कोई फिक्र नहीं है। साहनेवाल विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता सतविंदर कौर बिट्टी ने टिकट कटने के बाद कहा कि मैं चार हज़ार पांच सौ वोट से चुनाव से हारी थी। चुनाव हारने के बाद मैंने अपने हलके में दिन-रात एक कर मेहनत की इसके बावजूद मेरा टिकट काट दिया गया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने एक परिवार से एक टिकट की बात की थी तो राजिंदर कौर भट्ठल के दामाद को टिकट किसा आधार पर दिया गया ? यह चर्चाएं जोरों पर हैं कि कांग्रेस के बाग़ी नेता भाजपा के गठबंधन साथी की टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं अगर सहमति नहीं बनी तो फिर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
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