सत्ता में कांग्रेस है तो तीन रुपये यूनिट अभी कर दे बिजली, भविष्य के वादे क्यों- पूर्व कैबिनेट मंत्री

पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि एक तरफ़ कोरोना जैसी महामारी तो दूसरी तरफ़ मंहगाई के बोझ तले आम आदमी दबता चला जा रहा है। राजनेताओँ ने कोरोना फैलाने में कोई कमी नहीं की है।

चंडीगढ़: अगस्त 13, 2021। पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारी ज़ोरों पर है। कोई राजनीतिक पार्टी सत्ता में पाने के लिए अपनी सहुलत के हिसाब से गठबंधन कर रही है तो कोई सियासी पार्टी वादों की बौछार कर रही है। इसी कड़ी में वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने पंजाब की राजनीतिक हालातों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस वक़्त पंजाब में चुनाव पर चर्चा तो है। कांग्रेस की कोशिश है की पंजाब में सत्ता पर क़ाबिज़ रहे तो वहीं दूसरी सियासी पार्टियों की चाहत है कि वह सत्ता हासिल कर ले, लेकिन जनता के हित के लिए कोई भी पार्टी नहीं सोचती है। लोगों की बात कोई पार्टी नहीं कर रही है।

lakshmi kanta and cm amrinder

नेताओं से आम आदमी परेशान
पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि एक तरफ़ कोरोना जैसी महामारी तो दूसरी तरफ़ मंहगाई के बोझ तले आम आदमी दबता चला जा रहा है। राजनेताओँ ने कोरोना फैलाने में कोई कमी नहीं की है। इनकी रैलियां, समागम, धरने को देख कर लगता है जैसे की ये जनता की तकलीफ़ को कोरोना को भूल चुके हैं। आम आदमी को इलाज करवाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। नेताओँ के तो इलाज आसानी से हो जाते हैं, ग़रीब जनता इलाज के लिए भटकते रहती है। जनता का कोई भी मुद्दा इन नेताओं के पास नहीं है। जिस तरह गलियों में ससुराल और मायके वाले एक-दूसरे की कमियां निकाल-निकाल कर लड़ते हैं। इसी तरह से ये राजनीतिक पार्टियां लड़ रही हैं।

'चुनाव आते ही लग जाती है वादों की झड़ी'
सभी पार्टियां सिर्फ़ जनता को लुभाने वाले दावे कर रही हैं। मुफ़्तखोरी की बात हो रही है, लेकिन जनता को मुफ़्त मांगना नहीं पड़े इस पर किसी पार्टी का भी ध्यान नहीं जा रहा है। लक्ष्मी कांता चावला ने कांग्रेस पार्टी पर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि अभा कांग्रेस पार्टी की सरकार है, इस पार्टी का नवजोत सिंह सिद्धू ने मंत्री पद छोड़ा और अब अध्यक्ष बने हैं। वह घोषणा करते हैं करते हैं कि हमारी सरकार आएगी तो हम तीन रुपये यूनिट बिजली देंगे, पिछले बिल माफ़ करेंगे। अभी भी तो कांग्रेस की ही सरकार है तो फिर क्यों नहीं ये वादा अभी पूरा कर रहे हैं।

'कोई भी पार्टी मौजूदा समस्या पर बात नहीं करती'
चुनाव के दौरान जिस तरहा से दूसरी राजनीतिक पार्टियां घोषणा करती हैं कि हमारी सरकार आएगी तो हम ऐसा करेंगे, वैसा करेंगे। इसी तरह कांग्रेस भी सिर्फ़ वादे कर रही है। अगर इनको कुछ करना होता तो अभी ही बिजली तीन रुपये यूनिट कर देते, अभी पिछले बिल माफ़ कर दें। राजनेता लोग चुनाव के वक़्त सिर्फ़ भविष्य की बात करते हैं कि हम ये करेंगे। हम ये कर रहे हैं या हमने ये कर दिया है इस पर कोई भी नेता या पार्टी बात नहीं करती है। पंजाब में कानून व्यवस्था बहुत ज़्यादे ख़राब हो चुकी है। आए दिन स्नैचिंग, चोरी और हत्या जैसे वारदात देखने को मिलते हैं। गैंगस्टर बढ़ गए हैं, नशा से युवा मर रहे हैं।

'किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं'
लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि इस बार कोई भी राजनीतिक पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार नहीं बना पाएगी। गठबंधन से ही सरकार बन पाएगी लेकिन गठबंधन भी किस तर्ज़ पर होगा ये कहना मुश्किल है। क्योंकि जहां तक मुझे लगता है कांग्रेस-अकाली, भाजपा-अकाली इन लोगों का आपस में गठबंधन नहीं होगा। आम आदमी पार्टी इस वक़्त थोड़ी अच्छी स्थिती में दिख रही है। क्योंकि लोगों को कुछ बदलाव चाहिए, उन्होंने अकाली दल को भी देख लिया, कांग्रेस भी देख लिए। पंजाब में इस बार लोग बदलाव भी चाह रहे हैं। इससे कहीं न कहीं आम आदमी पार्टी को फ़ायदा हो सकता है।

'ढींडसा परिवार ने उठाए सभी राजनीतिक लाभ'
शिरोमणि अकाली दल संयुक और भीम आर्मी के गठबंधन पर लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि पहले लोग कहते थे एक दिल के टुकड़े हज़ार हुए लेकिन यहां तो दिल के नहीं एक दल के टुकड़े हज़ार हुए। पहले सब साथ में चुनाव लड़ते थे। अब अलग-अलग दल बना के गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे है। वहीं लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि ढीडसा परिवार ने सभी सरकारी और राजनीतिक लाभ लिए, कोई ऐसा रजानीतिक और सरकारी लाभ नहीं बचा जो उन्होंने नहीं लिया है। ख़ुद सेंटर में गए, बेटा मंत्री बना। लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि उन्हें दल बनाने वाले और दल बदलु नेताओं की बात समक्ष नहीं आती है। जब पार्टी सत्ता में होती है तो अच्छी है। जब सत्ता में नहीं रहती तो दल बदल लेते हैं या फिर दूसरी पार्टी का गठन कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि जब सुखदेव सिंह ढींडसा को पदम भूषण मिला था मैं समझ गई थी वो शिरोमषणि अकाली दल से अलग होने वाले हैं। ये जो गठबंधन हुआ है इससे शिरोमणि अकाली दल संयुक्त को ज़्यादा लाभ नहीं मिलने वाले है।

'कुछ सीटों का भाजपा को फ़ायदा हो सकता है'
वहीं भारतीय जनता पार्टी के बारे में लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि बीजेपी अभी पंजाब में ख़ुद को संगठित कर रही है। अगर संगठित कर लेती है तो कुछ सीटों का फ़ायदा भारतीय जनता पार्टी को भी मिल सकता है। अभी तो माहौल ऐसा है जैसे अंधकार में दिया जल रहा हो। सभी व्यक्ति 2022 के चुनाव पर नज़रें टिकाए हुए हैं लेकिन 2021 के बारे में कोई बात नहीं कर रहा है। पंजाब में नोट के ज़रिए वोट की ख़रीद-बिक्री होती हैं। पंजाब में लोगों का मतदान नहीं होता मत धांधली होती है। शराब पैसे बांट कर चुनाव लड़े जाते हैं जिसमें जितनी क्षमता होती है वह उतना ही धन लुटा कर चुनाव जीतने की कोशिश करता है।

'चुनाव लड़ने की सभी व्यक्ति को आज़ादी'
किसान और व्यापारी संगठनों द्वारा गठित की गई पार्टी पर लक्ष्मी कांता चावला ने कहा कि किसान चुनाव लड़ कर अगर उनकी समस्या का हल निकाल सकते हैं तो चुनाव लड़ने में कोई हर्ज़ नहीं है। चुनाव लड़ने का अधिकार सिर्फ़ चंद पार्टियों के पास थोडे ही है। किसान अगर चुनाव लड़े तो इसमे राजनीतिक पार्टियों को क्यों परेशानी हो रही है। अगर किसानों की कोई नहीं सुन रहा तो उन्हें आगे आकर चुनाव लड़ना चाहिए। दो चार राजनीतिक पार्टियों को थेड़े ही ना सबके किस्मत का ठेका दे दिया गया है। हिन्दुस्ता के हर अन्नदाता को ये अधिकार है की वह चुनाव लड़ सके पार्टी की तरफ़ से लड़े या आज़ाद लड़े।

'किसान के चुनाव लड़ने में कोई हर्ज़ नहीं'
मैंने पहले भी कहा था कि किसानों ने अगर कह दिया है कि चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने कोई ग़लत बात नहीं कही है। लोकसभा-विधानसभा में किसानों की आवाज़ पहुंच जाएगी तो क्या हर्ज़ है। राजनीतिक पार्टियों के किसानों के चुनाव लड़ने से डर लग गया है उन्हें लगता है कि किसानों के ज़रिए उनकी सियासी ज़मीन ख़िसक जाएगी। दिल्ली में नई पार्टी बनी सत्ता में आ गई हमने कभी नहीं सोचा था कि आम आदमी पार्टी सत्ता में आ जाएगी आर इतना पॉपुलर हो जाएगी। आने वाले कल में कुछ भी नया आ जाए इसका स्वागत है।

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