पंजाब: डिप्टी CM रंधावा ने की किसानों से अपील, आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाएं, पढ़िए पूरा मामला
पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन करीब हैं। कांग्रेस पार्टी अंदरूनी कलह को सुलझाते हुए राज्य में हो रहे विरोध प्रदर्शन भी ख़त्म करने के लिए कारगर क़दम उठा रही है।
चंडीगढ़, सितंबर 30, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन करीब हैं। कांग्रेस पार्टी अंदरूनी कलह को सुलझाते हुए राज्य में हो रहे विरोध प्रदर्शन भी ख़त्म करने के लिए कारगर क़दम उठा रही है। इसी क्रम में पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किसानों से अपना प्रस्तावित आंदोलन ख़त्म करने की अपील की। वहीं किसानों ने सुखजिंदर सिंह रंधावा की बात मानते हुए अपने प्रस्तावित आंदोलन को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है। उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने किसानों के साथ विचार-विमर्श किया। बातचीत के दौरान उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

डिप्टी CM ने की किसानों से अपील
किसानों ने उपमुख्यमंत्री के अपील को मानते हुए अपना प्रस्तावित आंदोलन 30 अक्टूबर, 2021 तक स्थगित कर दिया है । किसानों ने शर्त रखी है कि 30 अक्टुबर से पहले उनकी मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक करवाई जाए। सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि किसानों के बहुत से मामले तो मीटिंग में ही मौके पर हल हो गए थे। वहीं उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किसानों को भरोसा दिलाया की कुछ लंबित मुद्दे हैं जो तकनीकी या कागजी कार्यवाही की वजह रुके हुए हैं उनका भी जल्द ही हल निकाल दिया जाएगा। और मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात भी जल्द से जल्द करवाई जाएगी।
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5 लाख रुपये की वित्तीय मदद
आपको बता दें कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने पंजाब में 28 सितंबर से बंद का आह्वान किया था। इसके कारण उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब सरकार किसान भाईचारे के हितों को हमेशा ध्यान में रखती है और किसानों के कल्याण को सबसे ऊपर रखते हुए अपनी नीतियां और कार्यक्रम तैयार करती है। किसानों से सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपील करते हुए कहा कि वह आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाएं। राज्य सरकार उनकी ज्यादातर मांगों के साथ पहले ही सहमत हो चुकी है और 105 में से 60 केस वापस ले लिए गए हैं और बाकी भी जल्द ही वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाकी बचे केस रेलवे पुलिस द्वारा दर्ज किए होने के कारण केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इस संबंध में वह निजी तौर पर रेल मंत्री को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि कानूनों के विरुद्ध चल रहे आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को नौकरी देने के अलावा 5 लाख रुपये की वित्तीय मदद भी दी जा रही है।
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