पंजाब: कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धू मूसेवाला फिर विवादों में, चुनावी सफ़र पर लग सकता है ब्रेक, जनिए क्यों ?
पंजाब में विधानसभा चुनाव के मतदान के दिन क़रीब आ रहे हैं, वहीं कांग्रेस की मुशकिलें ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। मानसा से कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला की मुश्किले फिर से बढ़ती हुई नज़र आ रही हैं।
चंडीगढ़, 12 फरवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव के मतदान के दिन क़रीब आ रहे हैं, वहीं कांग्रेस की मुशकिलें ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। मानसा से कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला की मुश्किले फिर से बढ़ती हुई नज़र आ रही हैं। कांग्रेस ने अपनी सियासी जमीन मज़बूत करने के लिए मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उन्हें मानसा उम्मीदवार भी घोषित कर दिया। सिद्धू मूसेवाला का असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू है, वह मनसा जिला के मूसा गांव के रहने वाले हैं और उनकी मां एक गांव की मुखिया हैं। सिद्धू मूसेवाला को उम्मीदवार घोषित करते ही विपक्षी दलों ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया कि आपराधिक छवि के उम्मीदवारों को कांग्रेस टिकट दे रही है।

चंडीगढ़ ज़िला अदालत में मामला दर्ज
सिद्धू मूसेवाला को मानसा से टिकट मिलने के बाद विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर ज़ुबानी हमला करते हुए कहा था कि कांग्रेस पंजाब में अपराध के बढावा दे रही है। इस तरह के कई दिनों तक विवाद भी हुआ था। अब फिर से सिंगर सिद्धू मूसेवाला विवादों में घिर गए हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत में सिद्धू मूसेवाला के ख़िलाफ़ मामला दायर किया गया है। एडवोकेट सुनील मल्लन ने सिद्धू मूसेवाला पर केस दायर किया है, उन पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने जान बूझकर अपने गाने में वकीलों के बारे में आपत्तिजनक लफ़्ज़ों का इस्तेमाल कर वकीलों की छवि ख़राब करने की कोशिश की है। याचिका में कहा गया है कि सिंगर सिद्धू मूसेवाला ने जान बूझकर गीत जारी कर न्यायिक प्रणाली की छवि को खराब किया है।

मूसेवाला के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की मांग
एडवोकेट सुनील मल्लन ने कहा कि गाने के जरिए बॉर्डर स्टेट (पंजाब) मुसेवाला युवाओं को हिंसा और दंगे-फसाद की तरफ ले जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धू मूसेवाला गाने के ज़रिए गन कल्चर को भी बढ़ावा दे रहा है। जिस तरह से उसने गाने में ग़लत लफ्ज़ों को इस्तेमाल आइपीसी की धाराओं के तहत आर्म्स एक्ट और आइटी एक्ट की धाराओं के तहत आता है। इनमें देश के खिलाफ कृत्य करना, आपराधिक साजिश रचना, सांझा प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना, छवि को ठेस पहुंचाना, धमकाना आदि शामिल है। इसके साथ ही एडवोकेट सुनिल मल्लन ने कहा कि मूसेवाला पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
कैप्टन अमरिंदर सिंह जब मुख्यमंत्री थे उस दौरान सिद्धू मूसेवाला पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। पंजाब पुलिस ने पिछले साल सिद्धू मूसेवाला को अपने गाने में हिंसा और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। कोविड -19 महामारी के दौरान एके-47 राइफल से फायरिंग करते हुए उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन पर एक औऱ मामला दर्ज किया गया। सिद्धू मूसेवाला के ऊपर आईपीसी की धारा 18188/294/504 और 120 बी के तहत केस दर्ज किया गया था। इन सबको देखते हुए यह क़यास लगाए जा रहे हैं कि सिंगर मूसेवाला की राजनीतिक सफर पर ब्रेक लग सकता है।

मूसेवाला की उम्मीदवारी से कार्यकर्ता नाराज़
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला गुटबाज़ी का भी शिकार हो रहे हैं क्योंकि जब कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया था तो पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर उनके उम्मीदवार को टिकट नहीं मिला तो वह कांग्रेस से किनारा कर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को वोट दे देंगे। लेकिन फिर भी सिद्धू मूसेवाला को कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित कर दिया। अब मानसा के यह हालात हैं कि वहां के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पार्टी से किनारा कर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस तरह से सिद्धू मूसे वाला के जीतने की संभावना ना के बराबर है। सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि सिद्धू मूसेवाला चुनाव नहीं जीत रहे हैं।
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