CM Sehat Yojana Punjab: पैसों की कमी नहीं बनी रुकावट, मुख्यमंत्री सेहत योजना ने बचाई मोहाली की महिला की जान
CM Sehat Yojana Punjab: मोहाली की सुखविंदर कौर के लिए 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। जब अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा, तो परिवार के सामने इलाज के भारी-भरकम खर्च की बड़ी चुनौती थी। ₹4 लाख का खर्च एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता था, लेकिन इस सरकारी योजना ने उन्हें समय पर कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया।
आज सुखविंदर कौर पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनका परिवार मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की इस पहल का शुक्रगुजार है।

Mukhya Mantri Sehat Bima Yojana: अचानक आई मुसीबत और इलाज की चुनौती
माणिकपुर गांव की सुखविंदर कौर को सीने में तेज दर्द के साथ मधुमेह (शुगर) की समस्या हुई। निजी अस्पताल ले जाने पर पता चला कि उनके दिल की हालत गंभीर है और तुरंत स्टेंट डालना पड़ेगा। डॉक्टरों ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया और अस्पताल में रहने का खर्च ₹3 से ₹4 लाख तक आएगा। इतनी बड़ी रकम का अचानक इंतजाम करना परिवार के लिए नामुमकिन सा था, लेकिन सेहत कार्ड ने उनकी सारी मुश्किलें आसान कर दीं।
₹10 लाख तक के मुफ्त इलाज का सहारा
पंजाब सरकार की इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹10 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। सुखविंदर कौर की पात्रता की तुरंत पुष्टि की गई और बिना किसी कागजी देरी के उनका ऑपरेशन शुरू हुआ। योजना में शामिल अस्पतालों में दिल की सर्जरी, कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज पूरी तरह मुफ्त है। एक हफ्ते के इलाज और देखभाल के बाद उन्हें सही सलामत घर भेज दिया गया।
सरकार ने जारी किए ₹500 करोड़
योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए पंजाब सरकार ने हाल ही में बीमा कंपनी को ₹500 करोड़ की राशि जारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि अस्पतालों को दावों का भुगतान समय पर मिले और किसी भी मरीज का इलाज पैसों की वजह से न रुके। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, सरकार की लगातार आर्थिक मदद यह सुनिश्चित करती है कि प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा बिना किसी रुकावट के मिलती रहे।
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पंजाब में योजना की बढ़ती पहुंच
पूरे पंजाब में अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों में आने वाले 70% से ज्यादा मरीज इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का हर पात्र परिवार इस योजना से जुड़े ताकि गंभीर बीमारी के समय किसी को भी कर्ज न लेना पड़े। सुखविंदर कौर का मामला इस बात का सबूत है कि सही समय पर मिली सरकारी मदद किसी की जान बचा सकती है।
स्वास्थ्य सेवाओं में आता बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री सेहत योजना न केवल आर्थिक बोझ कम कर रही है, बल्कि लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा भी बढ़ा रही है। अब गरीब और मध्यम वर्ग के लोग भी बड़े प्राइवेट अस्पतालों में दिल और कैंसर जैसे महंगे इलाज करा पा रहे हैं। डॉ. बलबीर सिंह का कहना है कि सरकार का विजन बहुत साफ है-कोई भी नागरिक पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। यह योजना पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत बना रही है।












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