पंजाब: कांग्रेस के बाग़ियों को अपने पक्ष में लाने के लिए भाजपा की सियासी चाल, तैयार की ये रणनीति
विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले ही गुटबाज़ी शुरू हो गई है।
चंडीगढ़, 9 फरवरी 2020। विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले ही गुटबाज़ी शुरू हो गई है। वहीं भारतीय जनता पार्टी भी कांग्रेस की जड़ें कमज़ोर करने की रणनीति तैयार करने में जुट गई है। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत के एक बयान से सियासी सरगर्मियां बढ़ गई है। उन्होंने दावा करते हुए कहा है कि पंजाब में कांग्रेस में जल्द ही बड़ा भूचाल आनेवाला है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन मामले में ईडी के बयान के बाद सारी सच्चाई पंजाब के जनता के सामने आ गई है। धीरे-धीरे कांग्रेस के नेता पार्टी से किनारा कर रहे हैं। सुनील जाखड़ पर पूरी चुनाव की ज़िम्मेदारी थी उन्होंने ही सक्रिय सियासत से संन्यास ले लिया, अभी असली भूचाल आना बाक़ी है।

कांग्रेस में भूचाल आना बाक़ी- शेखावत
पंजाब भाजपा प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा की अवैध रेत खनन मामले में ईडी कार्रवाई कर रही है। ऐसे में कांग्रेस ने चन्नी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया है जिसका कोई फ़ायदा नहीं होने वाला है। पंजाब की जनता के सामने कांग्रेस की सच्चाई आ चुकी है। कांग्रेस पार्टी ख़ुद ही गुटबाज़ी का शिकार हो गई है। गजेंद्र सिंह शेखावत के कांग्रेस में भूचाल आने वाले बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि भाजपा पंजाब में कांग्रेस के उन नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं, जो आलाकमान की बेरुखी का शिकार हुए हैं। सियासी जानकारों की मानें तो भाजपा इस तरह से कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में लाकर कांग्रेस को कमज़ोर कर देगी ताकि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।
कांग्रेस के बाग़ियों को साधने की क़वायद
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस के बाग़ी उम्मीदवारों को भी अपने पाले में लाने की लिए चुनावी चाल चल रही है। सूत्रों की मानें तो भाजपा कांग्रेस के बाग़ी उम्मीदवारों से सियासी माइलेज लेने के लिए उन्हें लुभाने की कोशिश कर रही है। भाजपा की तरफ़ कांग्रेस के बाग़ी नेताओं को यह निर्देश दिया गया है कि वह चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस की कमज़ोरियों को उजागर करते हुए यह कहें कि मुझे वोट नहीं भी दें लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार को नहीं जिताएं। अगर कांग्रेस सत्ता में दोबारा आ जाएगी तो गुटबाज़ी की वजह से पंजाब के हित में फ़ैसले नहीं लिए जाएंगे। इसके एवज़ में भाजपा की तरफ़ से उन्हें रुपये और पद का लालच दिया जा रहा है।
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