पंजाब में किसानों को ख़ुश करने में जुटी BJP, सरकार आने पर गन्ने की फ़सल 450 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इस सिलसिले में लुधियाना में आठ ज़िलों की 32 विधानसभा सीटों के लिए प्रदेश कार्यकारिणी बैठक की गई।
चंडीगढ़, अगस्त 26, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इस सिलसिले में लुधियाना में आठ ज़िलों की 32 विधानसभा सीटों के लिए प्रदेश कार्यकारिणी बैठक की गई। बैठक में ज़िला प्रधानों से चुनावी फ़ीडबैक लिया गया। भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ज़िला प्रधानों से रूबरू हुए और उन्हें ज़िला लेवल पर संगठन मज़बूत करने की हिदायत दी।

'जनसंपर्क में केद्र सरकार की उपलब्धियां बताएं'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने ज़िला प्रधानों को कहा कि संगठन के सभी मोर्चों को ब्लाक स्तर तक सक्रिय करें। जनसंपर्क लोगों को केंद्र सरकार की उपलब्धियों के बारे में बारे में बताएं। उन्होंने बताया की विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए पंजाब में ज़ोन स्तर पर इस तरह की मीटिंगें की जा रही है। अश्वनी शर्मा ने ज़िला प्रधानों को कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी पूरी तरह से तैयार है और जल्द ही चुनावी कार्यक्रमों का एलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जिला प्रधान अपने स्थानीय मुद्दों पर रिसर्च करें ताकि चुनाव प्रचार में उन्हें तथ्यों के साथ उठाया जा सके। आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव के लिए 117 सीटों पर बूथ सम्मेलन किए जाएंगे।
'पंजाब की जनता बदलाव चाहती है'
आपको बता दे कि इससे पहले भी पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों के लिए पंजाब भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक की थी। बैठक में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब की जनता को 'नशा-मुक्त पंजाब' देने का संकल्प लिया। इसी दौरान अश्वनी शर्मा ने कहा कि संगठन और कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश की जनता भी भाजपा को विकल्प के रूप में लाने के लिए तैयार है।साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुशासन से जनता छुटकारा पाना चाहती है।
'केंद्र सरकार के साथ बैठक के लिए आगे आएं'
गन्ना किसानों आश्वासन देते हुए अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर गन्ने की फसल का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से संगठनों से आह्वान किया कि वह केंद्र सरकार से मिल-बैठ कर किसानों के हितों पर बात कर कोई बीच का रास्ता निकालें किसानों और देशवासियों को हो रहे नुकसान बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून लागू नहीं हुए हैं। इन पर रोक लगी हुई है। केंद्र सरकार कह रही है कि 5 सदस्यों की कमेटी बनाकर सहमति बना लें लेकिन किसान पता नहीं क्यों तैयार नहीं हो रहे हैं।
'पंजाब की तर्ज़ पर किसान संगठन निकालें हल'
अश्वनी शर्मा ने किसान संगठनों के नेताओं से आह्वान किया कि जिस तरह पंजाब सरकार के साथ गन्ना किसान उत्पादकों ने बातचीत कर 400 रुपये की मांग को 360 रुपये प्रति क्विंटल के लिए राज़ी हो गए, उसी तरह किसान संगठन कृषि कानूनों को रद करने की ज़िद छोड़ कर केंद्र सरकार के साथ बैठक करें और इस मसले का हल निकाले ताकि किसानों और देशवासियों को हो रहे नुकसान से बचाया जा सके।












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