पंजाब: BJP भी बिना CM पद के चुनावी मैदान में ठोक सकती है ताल, कैप्टन और मोदी की ये है प्लानिंग

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सभी सियासी दल सत्ता पर क़ाबिज़ होने के लिए अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रही है।

चंडीगढ़, 29 दिसंबर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर सभी सियासी दल सत्ता पर क़ाबिज़ होने के लिए अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रही है। इस बाबत कांग्रेस भी अपनी सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुटी हुई है। पहले ख़बर आई थी कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के ही लड़ेगी। वहीं अब भारतीय जनता पार्टी भी गठबंधन के बाद बिना मुख्यमंत्री के चेहरे के ही चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। आपको बता दें कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींडसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ गठबंधन कर लिया है।

संयुक्त समिति का किया जाएगा गठन

संयुक्त समिति का किया जाएगा गठन

भारतीय जनता पार्टी पंजाब के चुनाव प्रभारी गजेंद्र शेखावत ने कहा कि गठबंधन कर लिया गया है। सीट बंटवारे के लिए हर दल के दो नेताओं को शामिल कर एक संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा। पंजाब लोक कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) इस बार पारंपरिक गठबंधन नहीं बल्कि सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि तीनों दलों के इस गठबंधन का संयुक्त घोषणापत्र तैयार किया जाएगा। इस गठबंधन के तहत पंजाब में सिख समुदाय, किसान, ओबीसी समेत सभी मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मानें तो पीएम नरेंद्र मोदी और कैप्टन अमरिंदर सिंह एक मंच से 5 जनवरी को पंजाब में चुनावी बिगुल फूंक सकते हैं। पीएम मोदी अपने पंजाब दौरे के दौरान चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के सैटेलाइट केंद्र का फ़िरोज़पुर में उद्घाटन करेंगे।

पंजाब दौरे पर आ रहे हैं PM मोदी

पंजाब दौरे पर आ रहे हैं PM मोदी

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून के वापसी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। 5 जनवरी को पीएम मोदी फिरोज़पुर में रैली को संबोधित कर सकते हैं। ग़ौरतलब है कि कृषि कानूनों की वापसी के लिए किसानों ने क़रीब 1 साल तक संघर्ष किया। केंद्र सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ किसानों ने दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डेरा डाल कर सरकार पर कानूनों को वापस लेने का दबाव बना रहे थे। 19 नवंबर को सरकार ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया । पीएम मोदी ने एसएसपी पर समिति गठित करने की घोषणा करते हुए आंदोलन वापस लेने की गुजारिश भी की थी। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन एक विधेयक लाकर तीन कृषि कानूनों को रद्द कर दिया गया। जिसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन वापस लेते हुए घर वापसी कर ली।

किसान नेता हो सकते हैं भाजपा में शामिल

किसान नेता हो सकते हैं भाजपा में शामिल

5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के बाद भारतीय जनता पार्टी अपनी सहयोगी दलों के साथ चुनावी मैदान में सक्रिय हो जाएगी। पीएम मोदी की रैली में कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनके सहयोगी हरदीप सिंह पुरी और मीनाक्षी लेखी भी शामिल हो सकती हैं। सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी के पंजाब दौरे के दौरान तीन कृषि कानूनों की वापसी का सियासी माईलेज लेते हुए किसान नेताओं को भारतीय जनता पार्टी में शामिल कराया जा सकता है। इसके लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह रणनीति तैयार कर किसान नेताओं को साधने की क़वायद तेज़ कर चुके हैं।


ये भी पढ़ें: पंजाब के चुनावी रण में किसानों की पार्टी की एंट्री से कैसे बनेंगे समीकरण, किसे होगा नुकसान ?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+