प्रचंड बहुमत से जीत के बाद भी आम आदमी पार्टी के सामने बड़ी चुनौतियां, जानिए
पंजाब चुनाव आम आदमी पार्टी ने प्रचंड जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। पंजाब की जनता ने ‘केजरीवाल मॉडल’ पर भरोसा जताते हुए आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत से जीत दिलाई है।
चंडीगढ़, 12 मार्च 2022। पंजाब चुनाव आम आदमी पार्टी ने प्रचंड जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। पंजाब की जनता ने 'केजरीवाल मॉडल' पर भरोसा जताते हुए आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत से जीत दिलाई है। दिल्ली के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी ने प्रचंड जीत दर्ज की है। आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब पंजाब में आम आम आदमी पार्टी ने 117 सीटों में से 92 सीटों पर प्रचंड बहुमत से जीत तो हासिल कर ली है, लकिन पार्टी के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान 'दिल्ली मॉडल' की तर्ज़ पर विकास करने की गारंटी दी थी अब उनके सामने जनता से किए वादों को अमलीजामा पहनाने की चुनौती है।

दिल्ली और पंजाब के समीकरण बिल्कुल अलग
पंजाब के मतदाताओं की परेशानियां दिल्ली के मतदाताओं की ज़रूरतों से बिल्कुल अलग है। दिल्ली शहरी क्षेत्र था इसलिए आम आदमी पार्टी ने जनता से किए वादों को पूरा करने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन पंजाब के ज़्यादातर इलाके ग्रामीण क्षेत्रों में आते हैं, जहां मूलभूत सुविधाओं की पहले से ही कमी है। दिल्ली और पंजाब के समीकरणों में बहुत फ़र्क है। दिल्ली में अगर कोई अपराध होता था तो आम आदमी पार्टी दिल्ली पुलिस मेरे अंदर नहीं आती है बोल कर पल्ला झाड़ लेती थी लेकिन पंजाब में पुलिस पर पूरी तरह से कंट्रोल पंजाब सरकार का ही है। ग़ौरतलब है कि यहां पहले से ही आपराधिक वारदात बहुत ज़्यादा होती रही हैं, अब आम आदमी पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में अपराध पर लगाम लागाना है।

पंजाब में कई गंभीर मुद्दे करने पड़ेंगे हल
पंजाब में नशा, खनन माफिया, बेअदबी, जल विवाद, किसानों का मुद्दा, रोज़गार और बॉर्डर संबंधित जैसी समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। अरविंद केजरीवाल ने अपनी चुनावी सभाओं के दौरान इन मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने की गांरटी दी थी। उन्होंने कहा था वह चुनावी वादे नहीं पंजाब की जनता को गारंटी दे रहे हैं कि अगर आम आदमी पार्टी की सरकार आती है तो पंजाब की जनता के समस्याओं को प्रमुखता से हल करेंगे। जनता ने उनकी तरफ़ दी गई गारंटी पर भरोसा जताते हुए आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत से जीत दिलाई है। इसलिए अरविंद केजरीवाल के सामन इन मुद्दों को हल करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके साथ ही उन्होंने कई और घोषणाएं भी की थी जैसे की 300 यूनिट मुफ़्त बिजली, मुफ्त स्वास्थ सुविधाएं, मुफ़्त शिक्षा और हर महिला को प्रति महीने एक हज़ार रुपये देना।

जनता ने जताया AAP पर भरोसा
पंजाब में की जनता की परेशानियों की बात की जाए तो, राज्य में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं का भी हाल बहुत ही बुरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल की सुविधा नहीं होने के साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की भी कमी है। पंजाब के ग्रामीण इलाकों में किसानों की काफ़ी समस्याएं हैं जो पिछली सरकारों द्वारा हल नहीं किया जा सका है। पंजाब के सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि सभी पार्टियों को पंजाब की सत्ता पर बैठाया जा चुका है, इसलिए आम आदमी पार्टी को भी एक मौक़ा देकर देखा जाए। भगवंत मान ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान यह नारा भी बुलंद किया था कि 'एक मौका आम आदमी पार्टी को' और इसका असर भी देखने को मिला है। पंजाब की जनता ने बदलाव के लिए आम आदमी पार्टी को मौक़ा दिया है। पंजाब पहले से ही लाखों करोड़ों रुपये की क़र्ज़ के बोझ तले दबा हुआ है ऐसे में केजरीवाल के मुफ़्त सुविधाएं देने के साथ जनता से किए वादे को पूरा करना काफ़ी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
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