मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बंदी छोड़ दिवस की दी बधाई, जानिए क्या है इस दिन का इतिहास
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बांदी छोड़ दिवस की बधाई दी है। इस दिन श्री गुरू हरगोविंद साहिब जी को ग्वालियर फोर्ट से रिहा किया गया था। बता दें कि हर वर्ष दिवाली के ही दिन सिख धर्म के लोग बंदी छोड़ दिवस मनाते हैं। इसी दिन छठे गुर हरगोविंद सिंह जी को जहांदी की ओर से रिहा किया गया था। लोग इस दिन अपने घर और गुरुद्वारे को रोशनी से जगमग करते हैं।
भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बंदी छोड़ दिवस की बधाई दी है। उन्होंने पोस्ट करके लिखा छठे पातशाह साहिब श्री हरगोबिंद जी सच्चाई की आवाज बन गए थे। सिख इतिहास में इस दिन को बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है। वह पीड़ित राजाओं की आवाज बनकर उभरे थे।

बंदी छोड़ दिवस सिखों के तीन मु्ख्य पर्वों में से एक है। मुगलों ने गुरू हरगोबिंद साहिब को मध्य प्रदेश के ग्वालियर के किले में बंद कर दिया था। इस किले को जेल में तब्दील कर दिया गया था। इस जेल में उन लोगों को बंद रखा जाता था जो मुगल सल्तनत के लिए खतरा थे। किले में 52 राजाओं को बंद किया गया था, जिसमे गुरू हरगोबिंद साहिब भी शामिल थे। लेकिन जब मुगल बादशाह को अपनी गलती का एहसास हुआ तो गुरू हरगोबिंद साहिब को रिहा कर दिया गया
बंदी छोड़ दिवस के मौके पर सिख संगत की ओर से कई धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। 20वी सदी में गुरू हरगोबिंद साहिब को दिवाली के मौके पर रिहा किया गया था। सिख धर्म से जुड़े लोग इस दिन आतिशबाजी करते हैं और दीप जलाते हैं।












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