पंजाब:4 दिसम्बर पर टिकी सियासी दलों की निगाहें, जानिए चुनावी ऐतबार से क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा ये दिन

पंजाब की सियासत में सभी सियासी दलों की 4 दिसंबर पर टिकी हुई हैं कि आखिर इस दिन को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा ज़ोरों पर क्यों हैं। 4 दिसंबर को पंजाब चुनाव के लिए क्यों अहम माना जा रहा है आइए हम आपको बताते हैं।

चंडीगढ़, 2 दिसम्बर 2021। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब में सियासी फ़िज़ा बदलने के आसार नज़र आ रहे हैं। पीएम मोदी के तीन कृषि कानून वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में भारतीय जनता पार्टी अपनी सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुटी हुई है। इसी क्रम में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी नई सियासी पार्टी बनाते हुए भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन की बात कह चुके हैं। इस बाबत कैप्टन अमरिंदर सिंह शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो रहे हैं। वहीं पंजाब की सियासत में सभी सियासी दलों की 4 दिसंबर पर टिकी हुई हैं कि आखिर इस दिन को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा ज़ोरों पर क्यों हैं। 4 दिसंबर को पंजाब चुनाव के लिए क्यों अहम माना जा रहा है आइए हम आपको बताते हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह का दिल्ली दौरा

कैप्टन अमरिंदर सिंह का दिल्ली दौरा

कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस को छोड़कर अपनी सियासी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बना चुके हैं। जल्द ही चुनाव आयोग की तरफ़ से उनकी पार्टी को हरी झंडी भी मिलने वाली है। कैप्टन की पार्टी को मंजूरी मिलने के बाद से पंजाब की सियासी फिज़ा बदलने के आसार नज़र आ रहे हैं। पंजाब की सियासत के दिग्गग नेता नए राजनीतिक मंच पर नजर आ सकते हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह कल (शुक्रवार) दिल्ली जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ शनिवार को उनकी मुलाक़ात होगी। इस बैठक के बाद कैप्टन की पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन की तस्वीर साफ़ होगी।

4 दिसंबर क्यों है अहम ?

4 दिसंबर क्यों है अहम ?

4 दिसंबर, शनिवार के दिन कैप्टन अमरिंदर सिंह और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मुलाक़ात होगी उस दिन ही पंजाब के 32 किसान संगठन दिल्ली सीमा पर घर वापसी पर फैसला लेने के लिए बैठक करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि 4 दिसंबर को किसानों को लुभाने के लिए कुछ और क़दम भी उठाए जा सकते हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और भारतीय जनता पार्टी के बीच लगभग समझौता हो चुका है। लेकिन केंद्र सरकार की तरफ़ से तीन कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने के बाद भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अपने अस्तित्व का आंकलन कर रही है इसलिए ही गठबंधन की घोषणा नहीं की जा रही हालांकि जल्द ही गठबंधन की स्थिति भी साफ़ हो जाएगी।

कैप्टन की पार्टी कांग्रेस के लिए चुनौती

कैप्टन की पार्टी कांग्रेस के लिए चुनौती

कैप्टन अमरिंदर की अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ होने वाली मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि, कैप्टन पहले ही कह चुके है कि उनके साथ कई अप्रत्याशित चेहरे व बड़े नेता भी चुनाव मैदान में दिखाए देंगे। उम्मीद की जा रही है कि इसी माह के अंत तक चुनाव आयोग पंजाब में चुनाव की घोषणा कर सकता है। सूत्रों की माने तो आचार संहिता लगते ही कैप्टन अमरिंदर सिंब की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस में कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस को यह चिंता सता रही है कि जिन विधायकों और उम्मीदवारों को टिकट बंटवारे के दौरान अंदेखा किया गया तो कहीं वो कैप्टन की पार्टी से उम्मीदवार न बन जाएं। कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही बयान दे चुके हैं कि सब कुछ ठीक चल रहा है। पंजाब के लोग बहुत उत्साहित हैं और हमारे साथ काफ़ी तादाद में लोग जुड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में बड़े चेहरे भी हमारे साथ होंगे।


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