Punjab Election: 'चुनावी सौगात' देने के बावजूद मुश्किल में अमरिंदर, फ़ैसलों के विरोध में उतरे कई संगठन
PSMSU अध्यक्ष जसमिंदर सिंह ने कहा कि काफ़ी समय से पे कमिशन रुका हुआ था संशोधन के बाद सरकार की तरफ़ से पे कमीशन को मंज़ूरी दे दी गई है, सरकार से उम्मीद थी कि 26 अगस्त की कैबिनेट मीटिंग में हमारे सारे मुद्दे हल होंगे।
चंडीगढ़, अगस्त 27, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सौगातों की झड़ी लगा दी। इस फैसले से कुछ ने खुशियां मनाईं तो कई संगठनों ने नाराज़गी भी ज़ाहिर की। नाराज़ संगठनों को कैप्टन सरकार से उम्मीद थी कि कैबिनेट की बैठक में उनके लिए सरकार की ओर से घोषणाएं की जाएंगी लेकिन कैबिनेट की बैठक के बाद भी उनके हाथ ख़ाली ही रहे।

PSMSU की सारी मांगें पूरी नहीं हुई
इसी क्रम में वन इंडिया हिन्दी ने पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन ( PSMSU) के अध्यक्ष जसमिंदर सिंह और कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िम नेता बलजीत सिंह गिल से बात की और अपने-अपने पक्ष रखे। PSMSU अध्यक्ष जसमिंदर सिंह ने कहा
काफ़ी समय से पे कमिशन रुका हुआ था संशोधन के बाद सरकार की तरफ़ से पे कमीशन को मंज़ूरी दे दी गई है लेकिन सरकार से उम्मीद थी कि 26 अगस्त की कैबिनेट मीटिंग में हमारे सारे मुद्दे सुलझा दिए जाएंगे। हम लोगों की कई और मांगें थीं जिस पर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है।
फ़िल्हाल हम लोगों ने 4 सितंबर से होने वाले अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया है।
पूरे पंजाब में शुरू होगा आंदोलन
वहीं कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िम नेता बलजीत सिंह गिल ने कहा
बैठक कर जल्द ही पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िम राज्य भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे और बसों को परिचालन बंद कर देंगे। 7 सितंबर को मुख्यमंत्री के आवास के पास प्रदर्शन करेंगे और सेशन के पहले दिन ही विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।
अगर इसके बाद भी हम लोगों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो पूरे पंजाब के कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िम सकार के मंत्रियों का घेराव करेंगे। इन सारी अव्यवस्था की पंजाब सरकार ख़ुद ज़िम्मेदार होगी।
परिवहन मंत्री ने किया था वादा
बलजीत सिंह गिल ने कहा कि पंजाब रोडवेज़, पनबस कॉन्टैक्ट वर्कर्स यूनियन से पंजाब सरकार की परिवहन मंत्री ने खुद वादा किया था कि उनकी तमाम मांगों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग है कि कॉन्ट्रैक्ट मुलाज़िमों को तुरंत पक्का किया जाए। छोटे केसों में बर्खास्त किए गए मुलाजिमों को बहाल करने के साथ सरकारी बेड़े में दस हज़ार नई बसों को शामिल किया जाए। पिछले कई महीनों से कॉन्टैक्ट मुलाजिम लगातार गेट रैलियां कर रहे हैं और कई बार राज्य के बस स्टैंडों को भी बंद किया जा चुका है। मुलाजिमों के आंदोलन की वजह से यात्रियों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहले से हो रहा सरकार का विरोध
आपको बता दें कि इससे पहले भी पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विस यूनियन की तरफ़ से पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ जमकर विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है। PSMSU अध्यक्ष जसमिंदर सिंह ने बताया कि सरकार की बेरुख़ी को देखते हुए हम लोगों ने रोष व्यक्त किया था और कैप्टन अमरिंदर सिंह के पुतले भी फूंके थे। कैबिनेट बैठक में पे कमीशन को मंज़ूरी दे दी गई है लेकिन हमारी कुछ मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में सरकार का बहिष्कार करेंगे।












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