आप का पलटवार, सिद्धू मूसेवाला की मां की IVF ट्रीटमेंट की जानकारी पंजाब सरकार ने नहीं केंद्र ने मांगी
स्वर्गीय सिंगर सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने बीते हफ्ते दूसरे बेटे को जन्म दिया है। एक तरफ जहां परिवार में फिर से खुशियां आई हैं तो दूसरी तरफ सिद्धू मूसेवाला के पिता ने दावा किया है कि पंजाब जिला प्रशास बच्चे के दस्तावेजों को लेकर उन्हें परेशान कर रहा है। लेकिन इस पूरे मामले में अब पंजाब आम आदमी पार्टी की ओर से बयान जारी करके सफाई दी गई है।
आम आदमी पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर उस दस्तावेज को साझा किया है जिसमे सिद्धू मूसेवाला की मां चरन सिंह की आईवीएफ की जानकारी मांगी गई है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि दिवंगत सिद्धू मूसेवाला की मां चरण सिंह के आईवीएफ ट्रीटमेंट की जानकारी केंद्र सरकार ने मांगी है।

आप की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान हमेशा से ही पंजाब के लोगों की भावनाओं और उनकी स्वाभिमान का सम्मान करते हैं। चरण सिंह के आईवीएफ ट्रीटमेंट की जानकारी पंजाब सरकार ने नहीं बल्कि भाजपा शासित केंद्र सरकार ने मांगी है। हम लोगों से अपील करते हैं कि वह तथ्यों को देखे और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा ना करें।
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दरअसल यह पूरा विवाद उस वक्त सामने आया जब सिद्धू मूसेवाला के पिता ने पंजाब प्रशासन पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बता दें कि आईवीएफ की आयु 21 वर्ष से 50 वर्ष है, इसी के चलते सिद्धू मूसेवाला के पिता से इसकी जानकारी मांगी गई है।
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने वीडियो संदेश जारी करके कहा कि वाहेगुरू के आशीर्वाद से हमे अपना शुभदीप वापस मिल गया है। लेकिन सरकार सुबह से ही मुझे परेशान कर रही है। मुझसे बच्चे के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कह रही है। वो मुझसे बच्चा वैध या नहीं इसकी पूछताछ कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि जबतक मेरी पत्नी का इलाज नहीं हो जाता तबतक परेशान ना किया जाए, जब इलाज हो जाएगा, मैं जहां कहेंगे वहां आ जाऊंगा। आपको सभी कानूनी दस्तावेज मुहैया कराऊंगा।
ਦਰਅਸਲ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਸਿੱਧੂ ਮੂਸੇਵਾਲਾ ਦੇ ਮਾਤਾ ਜੀ ਸਰਦਾਰਨੀ ਚਰਨ ਕੌਰ ਦੇ ਆਈ.ਵੀ.ਐਫ਼. ਇਲਾਜ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਦੀ ਮੰਗ, ਕੇਂਦਰ ਦੀ @BJP4India ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ
— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 20, 2024
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ @BhagwantMann ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀਆਂ ਭਾਵਨਾਵਾਂ, ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦਾ ਦਿਲੋਂ ਸਨਮਾਨ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਇਹਨਾਂ ਕਾਗ਼ਜ਼ਾਤਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ… pic.twitter.com/D0RQ1dSVfh












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