एबीपी न्यूज-सी वोटर सर्वे: पंजाब में सत्ता पर काबिज हो सकती है AAP, भाजपा का खाता खुलना मुश्किल
नई दिल्ली, सितंबर 03। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी मूड भांपने के लिए एबीपी न्यूज-सी वोटर ने एक सर्वे किया है। इस सर्वे के रिजल्ट में सामने आया है कि आम आदमी पार्टी पंजाब में बड़ा उलटफेर कर सकती है। वहीं कांग्रेस पार्टी की लोकप्रियता में कमी आती दिख रही है। इतना ही नहीं सर्वे में आम आदमी पार्टी सीटों की संख्या और वोट प्रतिशत दोनों में कांग्रेस को मात देती दिख रही है और अगर सर्वे के मुताबिक ही पंजाब में चुनाव के नतीजे भी रहे तो वहां कांग्रेस सत्ता से बाहर होगी और आम आदमी पार्टी सत्ता में आ सकती है।

पंजाब में AAP सबसे बड़ी पार्टी- सर्वे
सर्वे के नतीजों के मुताबिक, पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी को सबसे अधिक 51 से 57 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी दूसरे नंबर पर है। उसे 38 से 46 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं शिरोमणी अकाली दल को 16 से 24 सीटें मिलने का अनुमान है। सबसे बड़ी हैरानी भाजपा के लिए है, जहां बीजेपी के खाते में एक भी सीट आती नहीं दिख रही है। जाहिर है बीजेपी को पंजाब में किसान आंदोलन का बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है।
वोट प्रतिशत में भी आम आदमी पार्टी आगे
इसके अलावा बात करें वोट प्रतिशत की तो वो भी आम आदमी पार्टी का सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। सर्वे के मुताबिक, 2022 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को 28.5 फीसदी, शिरोमणी अकाली दल को 21.8 फीसदी, आम आदमी पार्टी को सबसे अधिक 35.1 फीसदी और बीजेपी को 7.3 फीसदी वोट प्रतिशत मिलता दिख रहा है। वहीं अन्य के खाते में 7.0 फीसदी वोट जा सकता है।
पिछले चुनाव का रिजल्ट
आपको बता दें कि पंजाब में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। कांग्रेस ने बीजेपी और अकाली दल गठबंधन को हराकर सत्ता हासिल की थी। इस चुनाव में कांग्रेस को 77, अकाली दल को 15, आप को 20 और बीजेपी को तीन सीटें मिली थी, जबकि अन्य के खाते में 2 सीटें गई थी।
पंजाब में कांग्रेस को अंदरूनी कलह का होगा नुकसान?
सर्वे के अनुसार तो पंजाब में कांग्रेस को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है और कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस की अंदरूनी कलह इसका एक बड़ा कारण है। बता दें कि पंजाब में पिछले काफी समय से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच कलह चल रही है। लड़ाई औहदे को लेकर है। कांग्रेस हाईकमान ने हाल ही में सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, लेकिन सिद्धू की नजर मुख्यमंत्री पद पर है। वहीं कैप्टन बिल्कुल भी सिद्धू को सीएम के रूप में पसंद नहीं कर रहे।












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