ब्रेन डेड होकर भी पुणे के इस शख्स ने दी 4 लोगों को जिंदगी
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में 31 वर्षीय ब्रेन डेड इंसान के शरीर से दिल निकाल कर एक अन्य मरीज को जिंदगी देते हुए ट्रांसप्लांट की गई। पुणे के इस ट्रांसप्लांट को शामिल करें तो यह साल का पांचवा मामला है।

अंग दान करने वाले की लिवर और किडनी को तीन अन्य मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया है। तीन मरीजों में से 2 पुणे और 1 नासिक का है।
डोनर पुणे के रूबी हॉल क्लीनिक में 13 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे तेज सिर दर्द की शिकायत थी। डोनर एक काल सेंटर में काम करता था।
डोनर को थी यह बीमारी
अस्पताल प्रशासन से सुरेखा जोशी ने कहा कि डोनर की जांच करने पर पता चला कि उसके दिमाग में कोलाइड सिस्ट है।
परिजनों को डॉक्टरों ने ब्रेन सर्जरी कराने का सुझाव दिया लेकिन यह भी कहा कि यह आवश्यक नहीं कि इससे लाभ हो ही जाए।
बुधवार शाम डोनर को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था।
माता पिता नहीं थे अंगदान को तैयार
जोशी के अनुसार राज्य के ही अहमदनगर जिले के रहने वाले डोनर के माता पिता किसान हैं। शुरू में वो बेटे के अंगदान करने को तैयार नहीं थे पर समझाने और काउंसलिंग करने के बाद वे इसके लिए तैयार हो गए।
अंगदान करने के लिए माता पिता की ओर से सहमति मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने जोनल कोआर्डिनेशन कमेटी को सूचना दी।
उस समय मुंबई स्थित फोर्टिस अस्पताल में एक मरीज ट्रांसप्लांट के लिए तैयार था। ऐसे में डॉक्टरों का एक दल बृहस्पतिवार सुबह पुणे पहुंचा।
9 बजे शुरू हुई प्रक्रिया
उसी दिन 9 बजे दिल निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई जो 11 बजे खत्म हुई। इसके बाद दिल को मेडिल प्रिजर्वेशन सॉल्यूशन में रखा और फिर उसे लोहेगांव हवाई अड्डा पहुंचाया गया।
जोनल कोआर्डिनेशन कमेटी की आरती गोखले के अनुसार एबुलेंस 11.38 पर अस्पताल से निकली और 8 मिनट में ग्रीन कॉरिडोर की मदद से हवाई अड्डे पहुंच गई।
फिर वहां से चार्टेड प्लेन से दिल को मुंबई ले जाया गया। वहां भी ग्रीन कॉरिडोर की मदद से 12.43 तक दिल अस्पताल पहुंचा जिसे मरीज को ट्रांसप्लांट कर दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications