पुणे: DM ऑफिस में काम करती रही बहू, 2.70 लाख गंवाकर पाई जीरो सैलरी
Pune news, पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में जिलाधिकारी कार्यालय में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। एक युवक ने मंदिर में दर्शन के लिए गए पुजारी से पहचान बनाई। एक दिन युवक ने पुजारी से कहा कि पूजापाठ से आपका गुजारा हो जाता है क्या? इस तरह के सवाल से विश्वास हासिल कर बहू और बेटे को जिलाधिकारी कार्यालय में नौकरी लगाने का लालच देकर उनके पास से 2 लाख 70 हजार रुपए लिए। युवक ने बहू को भी नौकरी लगाने की बात कही थी।

बहू ने जिलाधिकारी कार्यालय में की डाटा एंट्री
बहू ने एक महीने कार्यालय में टाइपिंग का काम किया, लेकिन एक महीने बाद वेतन के बारे में पूछने के लिए उपजिलाधिकारी के पास गई तब पता चला कि उसने नौकरी ही नहीं लगी। यह बात उजागर होने के बाद महिला ने कोंढवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। कोंढवा पुलिस स्टेशन में श्रीकांत पवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

2.70 लाख लेकर नौकरी लगवाने का वादा
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी अनुसार शिकायतकर्ता महिला वडगांव बुद्रुक में रहती है। ससुर और पति दोनों ने पूजा-पाठ कर अपना जीवन निर्वाह करते हैं। जून 2018 में पवार से पहचान हुई थी। आपका सिर्फ पूजापाठ से काम चल जाता है क्या, आपकी बहू और बेटे को जिलाधिकारी कार्यालय में नौकरी पर लगाने की बात कही। वह मामलेदार कचहरी में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर है। यह बात पता चलने पर आरोपी पर थोड़ा विश्वास करने लगे। उन्होंने नौकरी के लिए रिश्तेदार और पतसंस्था से कर्ज निकालकर 2 लाख 70 हजार रुपए निकालकर दिए।

एक महीने की टाइपिंग, नहीं लगी नौकरी
उसके बाद महिला को चुनाव शाखा में टाइपिंग करने का काम दिया। एक महीने में महिला की बाकी लोगों से पहचान हुई। तब वेतन का कार्य देखने वाले शख्स से उसने पूछताछ तो उसने कहा कि पैसे देकर नौकरी नहीं लगती। उसके बाद महिला ने उपजिलाधिकारी मोनिका सिंह के केबिन में जाकर वेतन के बारे में पूछताछ की। तब उन्होंने बताया कि पैसे देकर नौकरी नहीं लगती। आप पुलिस में इस बात की शिकायत करें। उसके अनुसार महिला ने कोंढवा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस उप निरीक्षक एस. एस. काले आगे की जांच कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें-घर में मिली लिव इन कपल की लाशें, रात में प्रेमी ने किया कत्लेआम












Click it and Unblock the Notifications