लोगों के बीच से युवक का सिर खींचकर ले गई थी ये आदमखोर बाघिन, 3 टीमों ने मिलकर पकड़ा

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में आतंक का पर्याय बन चुकी आदमखोर बाघिन को आखिर पकड़ ही लिया गया। मंगलवार देर शाम दुधवा, जिम कार्बेट और पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीमों ने मिलकर आपरेशन शुरू किया था। इन तीनों टीम ने मिलकर बाघिन को ट्रैंकुलाइज किया और उसे पिंजरे में कैद कर गाढ़ा गेस्ट हाउस ले गए। बाघिन को कानपुर के चिड़ियाघर भेज दिया गया है। बता दें, दो दिन पहले बाघिन एक युवक को उठा ले गई थी। गांववाले युवक को ढूंढते रहे, कुछ देर बाद युवक का शव मिला। युवक का शव मिलने के बाद ग्रामीण गुस्से में आ गए और वन विभाग की चौकी पर जमकर तोड़फोड़ की। ग्रामीणों के उत्पाद को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।

युवक का सिर धड़ से अलग कर ले गई थी बाघिन

युवक का सिर धड़ से अलग कर ले गई थी बाघिन

पीलीभीत टाइगर रिजर्व का माला रेंज का यह वह इलाका है, जहां आए दिन टाइगर के हमले की ख़बरें सुनने को मिलती रहती हैं। पिछले तीन महीने में दो बाघों का रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया, जबकि एक बाघ रेस्क्यू के दौरान मारा गया था। जिसके बाद वन विभाग की बड़ी फजीहत हुई थी। सोमवार को माला रेंज के गोयल कॉलोनी के पास गांववाले बैठे थे। उसी दौरान झुंड पर बाघिन ने हमला कर दिया। ग्रामीण वहां से भाग निकले। बाघिन के पंजे में 35 वर्षीय सुबेन्दु विश्वास आ गया। लोग जब तक लाठी-डंडे लेकर बाघिन की तरफ भागते, तब तक उसने युवक का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसे लेकर भाई गई।

मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने काटा बवाल

मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने काटा बवाल

शख्स की मौत से गुस्साए दर्जनों ग्रामीण वन विभाग की रिक्शसावाल चौकी पर पहुंच गए। यहां पर चौकी और रेंज ऑफिस को आग के हवाले कर दिया। वहां खड़ी वन विभाग की गाड़ियों में आग लगा दी। ग्रामीण सरकारी आवास में तोड़फोड़ कर वहां रखा सामान भी उठा ले गए थे।नाराज ग़्रामीण इसको वन विभाग की नाकामी बताई थी। वह साफ तौर पर कह रहे थे कि वन विभाग की नाकामी की वजह से बाघ जंगल छोड़ गांव में टहल रहा है और विभाग कुछ नहीं कर रहा है।

कानपुर के चिड़ियाघर भेजी गई आदमखोर बाघिन

कानपुर के चिड़ियाघर भेजी गई आदमखोर बाघिन

आदमखोर बाघिन को आखिरकार मंगलवार की देर शाम पकड़ ही लिया गया। इसके बाद उसे कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया है। एसडीओ पूरनपुर प्रवीण खरे के नेतृत्व में इसे कानपुर भेजा गया। दो माह पहले इसी माला रेंज में एक नर टाइगर का रेस्क्यू किया गया था। उसे भी कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया था। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर राजा मोहन का कहना है कि ग़्रामीणो ने जो कुछ किया वह गलत था। वन विभाग की संपत्ति को बहुत नुकसान हुआ है, जिसकी ग्रामीणों से रिकवरी की जाएगी।

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