कोर्ट के झटके के बाद क्या करेंगे जीतन राम मांझी?
पटना। बिहार सरकार का संकट अभी टला नहीं है। पटना हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को सोमवार को तगड़ा झटका दिया उसके बाद मानो सबकुछ शांत सा पड़ गया है। अब देखना यह होगा कि मांझी अपनी नैया को पार लगाने के लिये क्या करेंगे?
हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि जब तक विधानसभा में बहुमत साबित नहीं हो जाता तब तक मांझी सीएम के तौर पर बड़े, नीतिगत फैसले नहीं लें। मांझी सरकार फिलहाल केवल रुटीन काम कर सकती है।
जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने हाईकोर्ट में मांझी सरकार के खिलाफ पीआईएल दायर की थी। इसी याचिका पर बहस करते हुए पूर्व मंत्री व वरीय अधिवक्ता पीके शाही ने कोर्ट को बताया कि सात फरवरी के बाद अल्पमत में होने के बावजूद मांझी कैबिनेट अनाप-सनाप फैसले ले रही है। जिससे राज्य सरकार पर भारी वित्तीय बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा- केवल दो सदस्यों के समर्थन से मांझी सरकार चल रही है। अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
जदयू ने खुशी जतायी
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। बता दें कि जदयू से निकाले जाने के बाद भी मांझी बिहार के सीएम बने हुए हैं और राज्यपाल ने उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 20 फरवरी का दिन दिया है। पिछले कुछ दिनों के भीतर मांझी ने एक के बाद एक कई फैसले लिए हैं। हालांकि बीजेपी के वरिष्ठ नेता शहनवाज हुसैन ने कहा कि पटना हाईकोर्ट का फैसला मांझी के लिए कोई झटका नहीं है।
पीएम मोदी से फिर मिलने की कोशिश कर रहे हैं मांझीकहा जा रहा है कि दिल्ली में मौजूद बिहार के सीएम मांझी एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। 20 फरवरी को मांझी को पटना में विधानसभा में बहुमत साबित करना है। इससे पहले वह रविवार को दिल्ली पहुंचे थे। अमित शाह के बेटे के रिसेप्शन में शामिल होने के साथ ही उन्होंने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी और बीजेपी के वरिष्ठ नेता केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी।













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