बिहार चुनाव में ट्विटर बना सियासी अखाड़ा
पटना (मुकुंद सिंह)। जैसे-जैसे बिहार चुनाव नजदीक आ रहे हैं, नेताओं का एक दूसरे पर वार पलटवार भी तेज होता जा रहा है। ट्विटर भी सियासी अखाड़ा बना हुआ है। नेता ट्विटर के माध्यम से एक दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। इनमे सबसे प्रमुख है मुख्यमंत्री नितीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू यादव, भाजपा नेता सुशिल कुमार मोदी और र्गिरिराज सिंह
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किसने कैसे किया हमला
सबसे पहले नितीश कुमार ने ट्विटर के माध्यम से भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने लिखा "बीजेपी घबराई हुई है, बीजेपी के पास बिहार में न नेता है, न नीति और न ही नीयत है। हार सामने देखकर बीजेपी ढिठाई से सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश में है।"
सुशील मोदी- "सूखा पड़ने से लाखों लोग बिहार से पलायन कर रहे हैं, मजदूरों की सहायता के काम छोड़कर मुख्यमंत्री पूरा दिन वोट मांगने में बिता रहे हैं। मिड-डे मील में बच्चे मरें या लोग सीरियल धमाकों में मारे जाएं, नीतीश कुमार ने मुसीबत में साथ खड़े होना छोड़ दिया है।"
गिरिराज सिंह- "लालू का शैतान नीतीश बाबू के मुँह से बोल रहा है। जिसका नेता लालू हो नीति जंगल राज और नियत गौमांस खिलाना वो ज्ञान न दे।"
लालू ने किये तीन ट्वीट
- हमारी पवित्र गौ-माता के बारे में बात करने से पहले इन पाखंडियों से पूछो गौ-सेवा करने हेतु इनमें से कितनों के पास अपनी "गौशाला" है?।
- कुत्ते पालने वाले हम गौ-पालकों को न सिखायें। भाजपा वालों के घर में गाय नहीं कुत्ते बंधे रहते हैं और घर के बाहर लिखा होता है "कुत्तों से सावधान"
- बीजेपी जनाधारवीहिन, जुझारुहीन, नेतृत्वहीन,अर्थ-हीन, कर्म-हीन, आदर्श-हीन, विवेक-हीन लोगों का झुंड है. बिहार में इनके पास एक भी चेहरा नहीं है।
जरा सोचिये चुनाव के इस हाईटेक प्रचार की आवाज सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में लोग ये ट्वीट पढ़ रहे हैं। जाहिर है नेताओं के इन ट्वीट्स से सिर्फ दो अंदाजे ही लगाये जा ससकते हैं। पहला कि बिहार के नेता ही राज्य के दुश्मन बनते जा रहे हैं और दूसरा जनता को इस बार गलत बयानबाजी करने वाले नेताओं को सबक सिखा देना चाहिये, अब बहुत हुआ।
खैर जनता वही है जो सब जानती है। जनता का फैसला 8 नवम्बर को सबके सामने आ जायेगा।













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