बिहार: बीच गांव लाश रख तांत्रिकों ने खेला अंधविश्वास का खेल
जहानाबाद। अंधविश्वास के वजह से कई हंसते खेलते परिवार तबाह हो जाते हैं तो कई बेमौत मारे जाते हैं। अधिकतर लोगों का कहना है कि पहले की अपेक्षा आजकल के लोग पुरानी मानसिकता को छोड़ नई मानसिकता के साथ कदम से कदम मिलाते हुए चल रहे हैं। पर आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां के लोग 21वीं सदी में पहुंचने के बाद अंधविश्वास के जाल में इस तरह जकड़े हुए हैं कि उन्हें इस से बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं नजर आता है।

आपको बताते चलें की अंधविश्वास का ताजा मामला बिहार के जहानाबाद जिले के बिरहा गांव में देखने को मिला है। यहां छत से गिर जाने के बाद एक बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद लोगों ने उसके मौत का कारण भूत प्रेत का साया बताया। और उसे दिखलाने के लिए एक महिला ओझा के पास ले कर गए। महिला ओझा ने कहा कि जहां की मौत हुई है उसी जगह पर अनुष्ठान किया जाएगा तो मारने वाले का पता चलेगा फिर उसे पकड़कर कैद कर लिया जाएगा।

महिला ओझा की बातों में आकर गांव वाले बच्चे के शव को फिर से अपने घर ले गए और महिला ओझा शव को सामने रख अनुष्ठान शुरु कर दिया। उसका दावा था कि मारने वाली डायन को इसी जगह नाचते हुए आना पड़ेगा। जिसे देखने के लिए लगभग उस गांव में हजारों की संख्या में लोग जुट गए। महिला ओझा के द्वारा लगभग कई घंटे तक इस तरह का हाईवोल्टेज ड्रामा किया गया।

पर कुछ भी सामने नहीं आया। वहीं इस तरह की बात की जानकारी जब नजदीकी थाने को मिली तो दल बल के साथ मौके पर पहुंची पुलिस भी महिला ओझा को कुछ कहने से डरने लगी। और लोगों के हुजूम के ही साथ खड़ा होकर उसका तमाशा देखने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस का कहना है कि यह महिला ओझा भोले भाले गांव वालों को अपने जाल में फंसाकर ठगने का काम करती है। पुलिस द्वारा तब इस तरह की बात कही जा रही है जब सरकार ने डायन प्रथा को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए हैं।












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