14 साल की उम्र में बिहार के 'लाल' ने जीता आईआईटी का 'किला'

आम तौर पर इस उम्र में छात्र हाईस्कूल जैसी परीक्षाओं की ओर रुख करते हैं। जिले के नोखा प्रखंड के धर्मपुरा गांव निवासी कमलाकांत तिवारी के इस होनहार बेटे को सामान्य श्रेणी में 2587वीं रैंक मिली है।
पढ़ें- मैंने कब कहा कि 'उन्होंने' किया रेप
सात दिसंबर, 1999 को जन्मे शिवानंद को सीबीएसई बोर्ड ने न्यायालय के आदेश पर दसवीं की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी। 12वीं की परीक्षा में शामिल होने के लिए भी उसे न्यायालय की अनुमति लेनी पड़ी और अब आइआइटी-जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण कर उसने अपनी मेधा का लोहा मनवाया।
शिवानंद ने महज आठ वर्ष की उम्र में ही श्रीमद्भगवद् गीता कंठस्थ कर कर ली थी। शिवा की इन्हीं उपलब्धियों ने उसे प्रेरित किया और इस बार उसने आईआईटी का 'किला' भी जीत लिया।












Click it and Unblock the Notifications