राम गोपाल यादव फूंटी आंख भी नहीं देखना चाहते शरद यादव को
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) जनता परिवार से जुड़े दलों के एका या कहें कि विलय के रास्ते में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा में नेता रामगोपाल यादव ने भी मोर्चा खोल दिया है। वे जनता दल यूनाइटेड के नेता शरद यादव को राज्यसभा में नए दल के नेता के रूप में स्वीकार करने के लिए राजी नहीं हैं।
तब नेता होंगे शरद
सूत्रों का कहना है कि वे समाजवादी पार्टी के राज्यसभा में कई सालों से नेता हैं। नया दल बनने के बाद उसके नेता हो जाएँगे शरद यादव। ये तय है। शरद यादव का जमीनी आधार कुछ नहीं है, पर वे जाति की राजनीति करने में माहिर हैं।
रामगोपाल को नामंजूर
यानी उन्हें शरद यादव के नीचे काम करना होगा। ये बात बात रामगोपाल यादव को नामंजूर है। उन्होंने इसके चलते जनता परिवार से जुड़े दलों में विलय के सवाल पर अवरोध खड़े करने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों का कहना रामगोपाल यादव ने इस सवाल को मुलायम सिंह यादव के सामने भी उठाया।
कैसे काम करेंगे शरद के नीचे
जानकारं का कहना है कि रामगोपाल यादव की राय से पार्टी के बहुत से नेता इत्तेफाक रखते हैं। सबका कहना है कि रामगोपाल कई सालों से समजावादी पार्टी के राज्य सभा में नेता है। अब वे कैसे शरद यादव के नीचे काम करेंगे।जानकारों का कहना है कि जनता परिवार के दलों में विलय होना बेहद कठिन है। तमाम अवरोध अब सामने आ रहे हैं। हो सकता है कि ये टल ही जाए।
इस बीच, पप्पू यादव ने बिहार का दौरा करना शुरू कर दिया है। मधेपुरा से सासंद यादव लगातार बिहार दौरे पर हैं। उन्हें कुछ समय पहले राजद से निकाल दिया गया था। वजह ये थी कि वे राजद के विलय के खिलाफ थे। वे कह रहे थे इस विलय से सिर्फ नीतीश कुमार को लाभ होगा।













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