यहां ‘खास’ भी नहीं सुरक्षित, जेडीयू नेता के नवजात पोते का अस्पताल से अपहरण
मुजफ्फरपुर। बिहार में अपराधी किस तरह बेलगाम हो चुके है इसे बताने की जरुरत नहीं है। आम जनता की तो छोड़िए यहां खास भी सुरक्षित नहीं रह गए है। अपराधियों के हौंसले इतने बुदंल है कि दिन-दहाड़े वो बड़ी वारदात को अंजाम देने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। बिहार की राजधानी पटना से सटे मुजफ्फरपुर में अपराधियों ने जेडीयू नेता के नवजात पोते का अपहरण अस्पताल से कर लिया।

जेडीयू एमएलसी दिनेश कुमार सिंह और भाजपा विधायक वीणा देवी के तीन दिन पोते का अपहरण शहर के एक बड़े अस्पताल से हो गया। दो अज्ञात महिलाओं ने सबके सामने अस्पताल के कमरे से बच्चे को चुरा लिया और बिना किसी के शक के वहां से निकल गई।
पुलिस सुपरीटेंडेंट रंजीत कुमार मिश्रा के मुताबिक दो महिलाएं नेताजी की बहु के कमरे में गई और बच्चे के साथ खेलने लगी। दोनों काफी देर तक बच्चे के साथ खेलती रही। इसी बीच उनकी बहु खुशी की आंख लग गई और दोनों ही महिलाएं बच्चा समेत वहां से फरार हो गई। जब मां की आंख खुली तो उसने अपना बच्चा गायब पाया।
बच्चा गायब होने की खबर पाते ही असप्ताल में अफरा-तफरी मच गई। जेडीयू एमएलसी ने फौरन पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो पता चला कि दो महिलाओं ने इस अपहरण की साजिश को अंजाम दिया है।
पुलिस ने दोनों महिलाओं की तलाश के लिए उनके स्केच जारी कर दिए है। सभी थानों को अलर्ट भेज दिया गया है। वहीं अस्पताल के दो गार्ड अजय कुमार राय और कुमार राकेश को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना के बाद से बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर आलोचनाएं शुरु हो गई है। वहीं पुलिस की नाकामियां भी सामने आने लगी है।












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