Wow! रामनवमी पर कुछ खास करते हैं पटना के ये मुसलमान
पटना। एक ही जगह पर मंदिर और मस्जिद की मौज़ूदगी काशी, मथुरा, धार और अयोध्या में भले विवाद का विषय हो, लेकिन पटना में हिन्दुओं की आस्था का सबसे बडा केंद्र महावीर मंदिर और ऐतिहासिक जामा मस्जिद हमारी गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनकर साथ खड़े रहे हैं। जी हां हर साल की तरह इस बार भी राम नवमी के दिन यहां के मुसलमान कुछ खास कर रहे हैं।
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मंदिर में कोई आयोजन हो तो मस्जिद की इंतेजामिया कमिटी भक्तों का ख्याल रखती है और मस्जिद में कोई आयोजन हो तो नमाज़ियों की ख़िदमत में मंदिर की प्रबंध समिति हाज़िर हो जाती है।
राम नवमी में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनज़र मस्जिद के ऐलान के बाद सैकड़ों मुस्लिम फुटपाथ दुकानदार एक रात पहले ही मंदिर के आसपास की अपनी तमाम दुकानें हटा लेते हैं और उत्साही मुस्लिम युवाओं के साथ रात से ही रामभक्तों की ख़िदमत में लग जाते हैं।
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भक्तों की लंबी-लंबी लाइनें व्यवस्थित रहें, इसके लिये स्थानीय मुसलमान लाइनों को मैनेज करने का काम करते हैं। यही नहीं लाइन में लगे लोगों को जब प्यास लगती है तो उन्हें शरबत पिलाने तक का काम भी यहां के मुसलमान ही करते हैं।
राम भक्तों की सुविधा के ख्याल से मस्जिद से ऐलान किया जाता है कि मस्जिद में उतने ही नमाजी आएं, जितने मस्ज़िद में आ सकें-बाकी दूसरी मस्जिदों का रूख करें। मंदिर की घोषणा के अनुसार श्रद्धालु भी नमाज के दौरान न तो मस्जिद से आगे बढ़ते हैं और न उस दौरान जयकारे लगाते हैं।












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