बिहार ने ली राजनैतिक करवट, नीतीश ने फैलाए लालू के सामने हाथ

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा जीत पर इतरा रही है और विपक्ष पर हस रही है। उन्होंने राजद कांग्रेस और सीपीआइ को जीतन राम मांझी की सरकार को समर्थन देने पर धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा नैतिक मूल्यों पर था।
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नीतीश ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के पहले ही दिन से ही भाजपा इस्तीफे की मांग कर रही थी। जब उन्होंने इस्तीसफा दिया तो भाजपा ने इसे नाटक बताना शुरू कर दिया। मुझ पर तोहमत लगाया। पर किसी के पास ऐसा उदाहरण नहीं है।
नीतीश ने कहा कि 'भाजपा जल्द चुनाव चाहती है, मैं विधानसभा भंग भी कर सकता था। हमने यह मुनासिब नहीं समझा और हमारे कामों पर जीतन राम मांझी की सरकार अमल कर रही है। विकास का काम हो रहे हैं। इस वक्त नीतीश की गर्ज इसलिए बन पड़ी है कि सत्तारूढ़ दल के सामने नीतीश की ताकत शून्य हो चुकी है और उनका राजनैतिक भविष्य बिखरता नजर आ रहा है।












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