बिहार के स्पाइडर मैन को पकड़ने निकले नीतीश कुमार
पटना। हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद मैट्रीक की परीक्षा खत्म हो गई। पहले से ही बिहार मे राजनीतिक मचमच चल रही है। उसी के साथ-साथ राज्य के होनहार बच्चों के साथ भी राज्य सरकार ने बहुत बढ़िया मजाक किया। खैर अब शुरू हुआ है उन स्पाइडर मैन को पकड़ने का खेल, जो हवा में उड़कर सीधे चौथे माले तक पर्चियां लेकर पहुंचे।
मैट्रिक की परीक्षा के दौरान खुलेआम हुई धांधली और नकल से पूरे देश में बिहार की शिक्षा व्यवस्था का मजाक उड़ा। छात्र-छात्राओं तक चिट पहुंचाने के लिए लोग स्पाइडर मैन की तरह परीक्षा केंद्र के तीसरे और चौथे माले तक चढ़ाई करते दिखे। इससे जो बच्चे नही पढने बाले हैउनके लिय तो ठिक हैवो अपना डिग्री दिखाकर काम चला लेगे लेकिन पढ़ने बाले बच्चों का क्या होगा।
सबसे बड़ी बात यह कि उन परिजनों का क्या होगा जिन्होंने अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, डीएम और एसपी बनने का सपना देखा है। बिहार बोर्ड की परीक्षा की हालत देख पूरा देश कह रहा है कि बिहार मे बच्चों के करियर के साथ जमकर मजाक हुआ है।
सीएम के निर्देश के बाद क्या कर रहा है प्रशासन?
- डीएम और एसपी अब मैट्रिक परीक्षा की वीडियो क्लिपिंग देखकर स्पाइडर मैनों की लिस्ट बना ने में जुटे हुए हैं।
- लिस्ट बनाकर केंद्रों और संदिग्ध लोगों की सूची बिहार परीक्षा बोर्ड को भेजी जायेगी।
- परीक्षा में नकल कराते 132 स्पाइडर मैन (अभिभावक) पकड़े गए।
- कुल 1709 परीक्षार्थी निष्कासित हुए तथा 38 को जेल भेजा गया।
- उन अधिकारियों की सूची बनायी जा रही है जिन्होंने नकल करवाने में मदद की।
- टीचरों व अधिकारियों के विरुद्ध बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के तहत कार्रवाई होगी।
- जांच की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपी गई है।













Click it and Unblock the Notifications