जानिए शराब के लती लोगों के लिये क्या व्यवस्था की है बिहार सरकार ने?

पटना। सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक में शराब बंदी पर बड़ा फैसला लेते बिहार में पूर्ण शराब बंदी को लागू कर दिया गया है। लेकिन मजेदार बात यह है कि शराब के लती लोगों के लिये बिहार सरकार ने वैकल्प‍िक व्यवस्था की है। चलिये पढ़ते हैं कौन-कौन सी व्यवस्था की गई है।

बिहार: 'मयखानों 'में पसरा सन्नाटा, बिक रही पूड़ी, सब्जी और जलेबी

Alternative Arrangements done by Bihar government for Liquor addicts

1. नीरा के नाम से बिकेगी ताड़ी

लालू यादव द्वारा कहा जाने वाला स्काई जूस (ताड़ी) की बिक्री जारी रहेगी, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर इसकी बिक्री नहीं की जाएगी। नीतीश ने ताड़ी पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी, लेकिन जब लालू ने इस मामले को उठाया तो नीतीश कुमार ने पूर्ण प्रतीबंध हटा लिया।

जानिए शराब के लती लोगों के लिये क्या व्यवस्था की है बिहार सरकार ने?

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नीतीश कुमार ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर ताड़ी बेचने पर 1991 में ही रोक लगी थी। हम अब इसे अच्छी तरह से लागू करेंगे। इसके लिए गाइडलाइंस जारी की गई है। ताड़ी की दुकानें हाट बाजार, हाट बाजार के प्रवेश स्थल, फैक्ट्री, पेट्रोल पंप, मजदूर बस्ती और शहरी आबादी से 50 मीटर के दायरे में नहीं खुलेगी। गांव में भी ताड़ी खाना सार्वजनिक स्थान और गांव से 100 मीटर के दायरे में नहीं खुलेगा। सड़क के किनारे भी ताड़ी की दुकान नहीं लगाई जा सकती।

नीतीश कुमार ने साफ़ कहा कि ताड़ी में नशा होता है इसलिए हम नीरा को बढ़ावा देंगे जो कि सूरज निकलने से पहले ताड़ से उतारा जाता है। नीरा को प्रोसेस कर पैकेजिंग और बॉटलिंग की जाएगी। इससे इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को अच्छी आमदनी भी होगी। सरकार खुद नीरा को प्रमोट करेगी। इस कारोबार से जुड़े लोगों का यूनियन बनेगा और नीरा की मार्केटिंग सरकार करेगी।

2. बॉर्डर पार जाकर पी सकेंगे शराब

शराब के शौकीनो का शौक सरहद पार पूरा होगा। बॉर्डर पार करते ही शराब का बाजार सजा नजर आएगा। यूपी, झारखंड, पश्च‍िम बंगाल बॉर्डर के साथ पड़ोसी देश नेपाल में भी शराब की दुकाने बॉर्डर पर बढ़ जायेंगी। बिहार सरकार का कहना है कि लोगों को सरहद पार जाकर पीने की मनाही नहीं है, लेकिन सरहद पार से शराब लेकर आना मना है।

बिहार बॉर्डर से लगने वाले प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कारोबारी पहले से ही तैयारी में जुट गए हैं। शराब की दुकानों के साथ-साथ अवैध कारोबारी भी बढ़ गई है। ऐसे में बिहार पुलिस को इन इलाकों में सख्ती बढ़ाने होगी और कारोबारियों के गिरफ्तारी की सूचना तंत्र को एक्टिव करना होगा।

बिहार की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि चारों दिशाओं में शराब मिलेगी एक तरफ जहां उत्तर-प्रदेश है वहीं दूसरी तरफ झारखंड एक तरफ जहां बंगाल है वहीं दूसरी तरफ नेपाल है। ऐसे में लोग जैसे ही बॉर्डर पार करेंगे शराब की दुकान मिल जाएगी।

शराब पीकर बिहार में किया हंगामा तो होगी जेल

सरकार ने साफ कह दिया है कि जो लोग सरहद पार जाकर पीकर वापस बिहार की सीमा में आयेंगे, अगर उनमें से किसी ने भी शराब के नशे में हंगामा किया, तो उनके ख‍िलाफ पुलिसिया कार्रवाई की जायेगी।

सीमावर्ती जिले- उत्तर प्रदेश से लगने वाले जिले पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, बक्सर, भोजपुर, भभुआ। नेपाल से लगने वाले जिले पश्चिम चंपारण, मोतिहारी, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, सुपौल हैं। झारखंड से लगने वाले जिले सासाराम, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई, बांका, भागलपुर। बंगाल से लगने वाले जिले किशनगंज कटिहार हैं।

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