बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सामने आयी वोटर लिस्ट में बड़ी धांधली
पटना। बिहार में विधानसभा के चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने बिहार में सितंबर या अक्टूबर माह में चुनाव कराये जाने का ऐलान किया है। लेकिन इसी बीच बड़ा खुलासा यह हुआ है कि बिहार में कुल वयस्कों की संख्या 6.01 करोड़ है जबकि वोटरों की संख्या 6.21 करोड़ है।[बिहार में हुआ 2015 विधानसभा चुनाव का ऐलान ]
वोटर हैं 6.21 करोड़ वयस्क हैं 6.01 करोड़
यह खुलासा 2011 के जनगणना के आंकड़ों को देखने के बाद हुआ है। 2011 की जनगणना के अनुसार कुल वयस्कों की संख्या 6.01 करोड़ है जबकि बिहार विधानसभा में वोट डालने वाले पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 6.21 करोड़ है।
70000 नामों को हटाया गया वोटर लिस्ट से
वहीं बिहार में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं की संख्या होने की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग फिर से मतदाता सूचि को तैयार करने की तैयारी शुरु कर चुका है। वहीं आयोग ने अभी तक 70 हजार मतदाताओं के नाम पंजीकृत मतदाता की सूची से हटा दिया है।
बिहार विधानसभा के मुख्य चुनाव आयुक्त अजय वी नाईक ने बताया कि लकभग 3.4 लाख डुप्लिकेट वोटर हैं जिनमें वो लोग भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है और बहुत लोगों ने अपना स्थानीय पता बदल दिया है लेकिन इन नामों को फिर से सही किया जा रहा है और हमने इन नामों को मतदाता सूचि से हटा दिया है।
कुल 6.35 लाख फर्जी वोटर हैं राज्य में
एक सर्वे के मुताबिक बिहार की राजधानी पटना में सर्वाधिक 6.35 लाख फर्जी मतदाता है। 2014 में राज्य के वयस्कों की आबादी 33 लाख थी लेकिन पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 39 लाख थी। वहीं एक सामाजिक कार्यकर्ता आलम का कहना है कि 38 जिलों में फर्जी वोटर हैं। वैशाली में 47235 फर्जी वोटर जबकि नालंदा में 2.7 लाख फर्जी वोटर हैं जो चुनाव नतीजों की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं। आलम के अनुसार बिहार में कुल 20 लाख फर्जी वोटर हैं।
वहीं चुनाव आयोग के मुताबिक 31 जुलाई तक मतदाताओं की सही सूचि तैयार कर ली जाएगी। इस चुनाव में पीएम मोदी की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। गौरतलब है कि चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बिहार चुनाव को मदर ऑप ऑल इलेक्शन कहा था।













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