भारत के गुस्से से कांप गया था अमेरिका, पाक को कहा पाछे हट जाओ

पाकिस्तानी सैनिकों के नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के करीब 15 साल बाद यह मुद्दा इस्लामाबाद साहित्य महोत्सव में उठा। पाक के पूर्व विदेश सचिव खोखर और पूर्व राजदूत तारिक उस्मान हैदर और पत्रकार नसीम जेहरा ने करगिल युद्ध पर अपने विचार रखे। तीनों वक्ताओं ने माना कि इस युद्ध को टाला जा सकता था। इसी दौरान खोसर ने करगिल युद्ध के दौरान अमेरिका की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करगिल युद्ध को टाला जा सकता था। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुझे फोन किया था और कहा था कि जिन क्षेत्रों पर हमने कब्जा किया है वहां से हट जाएं।
खोखर ने कहा कि पाकिस्तान की सबसे बड़ी असफलता यह रही कि वह विश्वसनीय साख विकसित नहीं कर सका। करगिल युद्ध मे पाक की हार पर दुख जाहिर करते हुए उन्होंने हगा कि कहा कि मुझे लगता है कि हमें एक गैर जिम्मेदार देश के रूप में देखा गया। उन्होंने कहा कि सेना में इस बात को लेकर आम सहमति थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को युद्ध के विषय में समुचित जानकारी दी गई थी। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि यदि पाकिस्तान पीछे नहीं हटता तो युद्ध का क्षेत्र बड़ा हो सकता था।












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