ओबामा के भारत दौरे से पहले जॉन कैरी ने दी पाक को क्लीन चिट
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा 24 जनवरी की रात को अपनी दूसरी भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचेगे लेकिन इस बीच अमेरिका ने एक ऐसा कदम उठा डाला है जिसके बाद भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

अमेरिका के विदेश सचिव जॉन कैरी इस माह पाकिस्तान की यात्रा पर रवाना होने वाले हैं और अपनी रवानगी से पहले कैरी ने साफ कर दिया है कि पाक की सरकार खतरनाक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर लगाम लगाने में कामयाब हो सकी है। सिर्फ इतना ही नहीं पाक ने जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सही कार्रवाई की है।
कैरी की नासमझी
कैरी के इस बयान के बाद भारत में इसका विरोध होना स्वाभावित है। जॉन कैरी 11 जनवरी को वाइब्रेंट गुजरात समिट में हिस्सा लेने के लिए गुजरात के गांधीनगर भी पहुंचेंगे। वहीं 24 जनवरी से बराक ओबामा की भारत यात्रा का आगाज होगा।
पाक के विदेश मंत्रालय की ओर से दिए गए बयान के मुताबिक कैरी इस्लामाबाद में रणनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाएंगे। पाक में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियां दुनिया के सामने हैं। इनके नेता हाफिज सईद और मौलाना मसूद अजहर अक्सर ही सार्वजनिक रैलियों में भारत के खिलाफ जहर उगलते नजर आए हैं।
इसके बावजूद कैरी को लगता है कि पाक सरकार ने दोनों संगठनों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। सिर्फ इतना ही नहीं कैरी को यह भी लगता है कि पाक ने अल कायदा, तालिबान और इससे जुड़े आतंकी संगठनों को पाक की सरजमीं से संचालन करने में कुछ हद तक नियंत्रण लगा पाया है।
पाक को मिली मदद
इन सबके बीच ही अमेरिका ने पाक के लिए कैरी-लुगार बिल के तहत 1.5 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इस मदद की शुरुआत कैरी ने ही वर्ष 2009 में की थी। इस मदद के तहत पाक को जल्द ही 532 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे। यह वहीं मदद है जिसे अमेरिकी कांग्रेस की ओर से मंजूरी दी गई है।
पाक में अमेरिकी राजदूत रिचर्ड ओलोसन ने इस बात की पुष्टि की है। पाक को इस आर्थिक मदद से जुड़ा बिल सिंतबर 2014 में पास हुआ था। इस बिल को पहले इनहैंस्ड पार्टनरशिप विद पाकिस्तान एक्ट कहा जाता था।












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