अमेरिका ने पाकिस्‍तान से कहा, भारत के साथ अच्‍छे रिश्‍तों की जिम्‍मेदारी आपकी

वॉशिंगटन। अमेरिका ने कहा है कि भारत के साथ संबंध बेहतर हों, इसकी जिम्‍मेदारी पाकिस्‍तान पर है। इसके साथ ही राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के प्रशासन ने पाकिस्‍तान से कहा है कि वह भारत के साथ संबंधों को बेहतर करने के लिए दीर्घकालिक और स्थिर कदम उठाए। साथ ही अपनी सरजमीं से आतंकवाद को खत्‍म करने के लिए कड़े कदम भी उठाए। अमेरिका की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले दिनों पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर शांति की बात की थी।

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पाकिस्‍तान को उठाने होंगे कदम

व्‍हाइट हाउस के सीनियर ऑफिसर की ओर से पाकिस्‍तान से यह अपील की गई है। यह ऑफिसर वॉशिंगटन में भारतीय मीडिया की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। ऑफिसर की ओर से साफ कहा गया कि दक्षिण एशिया में शांति की जिम्मेदारी पाकिस्‍तान पर है। पाकिस्‍तान को अपनी सरजमीं से संचालित हो रहे आतंकी संगठनों को खत्‍म करना होगा। व्‍हाइट हाउस के अधिकारी की ओर से कहा गया, 'अमेरिका की नजरें पाकिस्‍तान में मौजूद आतंकियों की गिरफ्तारी और उनकी सजा की तरफ हैं। साथ ही अमेरिका चाहता है कि आतंकियों को किसी भी सूरत में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और खुलेआम घूमने की मंजूरी न मिल सके। साथ ही हथियार हासिल करने के बाद भारत के खिलाफ किसी साजिश में भी ये आतंकी सफल न होने पाए।' इस ऑफिसर ने यह टिप्‍पणी उस समय की जब उनसे 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बारे में पूछा गया था। उन्‍होंने कहा कि इस हमले के बाद पाक ने कुछ कदम उठाए और अमेरिका उनका स्‍वागत करता है।

इमरान ने चिट्ठी लिखकर की अपील

पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान की ओर से पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी गई थी। इस चिट्ठी में इमरान ने कहा था कि पाकिस्‍तान, भारत के साथ कश्‍मीर मुद्दे पर व्याप्‍त सभी मतभेदों को खत्‍म करने के लिए वार्ता चाहता है। इमरान की मानें तो दोनों देशों के बीच वार्ता ही एक मात्र रास्‍ता है जो लोगों को गरीबी से बाहर निकाल सकता है और क्षेत्र के विकास में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि भारत की ओर से पाक के शांति वार्ता के लिए दिए गए प्रस्‍ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि जब तक पाक आतंकवाद पर लगाम नहीं लगाएगा, तब तक किसी भी तरह की वार्ता नहीं हो सकती है। भारत का मानना है कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं हो सकते हैं। इसके साथ ही भारत ने 13 और 14 जून को किर्गिस्‍तान की राजधानी बिशकेक में होने वाले शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट के दौरान नरेंद्र मोदी और इमरान खान के बीच द्विपक्षीय मुलाकात से भी साफ इनकार कर दिया है।

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