अब भारत पर हुआ आतंकी हमला तो नहीं बचेगा पाकिस्तान!
वाशिंगटन। अगर पाकिस्तान ने अब भारत पर कोई आतंकी हमला किया तो पीएम नरेंद्र मोदी के आदेश पर सेनाएं आतंकियों को पाक के अंदर तक खदेड़ने को तैयार हैं, एक पूर्व अमेरिकी राजनयिक ने कुछ इसी तरह की बातें कही हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इस अमेरिकी राजनयिक की मानें तो पाक को अब तक इस बात का अहसास हो गया होगा कि भारत उसके व्यवहार को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं करेगा।

दबाव में नहीं आएंगे मोदी
भारत में अमेरिकी राजदूत रहे राबर्ट ब्लैकविल ने काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशंस (सीएफआर) के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत में जब से संसद पर हमला हुआ तब से ही हर भारतीय प्रधानमंत्री पाक के खिलाफ सैन्य कार्रवाई वाले विकल्प पर गंभीरता से विचार किया लेकिन किसी न किसी दबाव में अपने कदम पीछे खींच लिए। अब भारत के अंदरुनी हालात काफी बदल गए हैं और पीएम मोदी वह व्यक्ति नहीं हैं जो ऐसे मामलों में अपने कदम पीछे खीचेंगे।
सेना के प्रयोग पर मोदी गंभीर
उन्होंने कहा कि अगर भारत पर अब पाक की ओर से ऐसा कोई हमला जिसे पाक सेना और आईएसआई की ओर से प्रयोजित किया गया हो, तो पीएम मोदी पाक सीमा के अंदर तक सैन्य कार्रवाई के लिए मजबूर हो जाएंगे। ब्लैकविल भारत और साउथ एशिया से जुड़े हर मामले पर करीब से नजर रखते हैं।
उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि मोदी से पहले जो भी पीएम थे उन्होंने भारतीय सेना की ओर से इस तरह के विकल्पों के बारे में बताया गया होगा। वहीं मोदी एक ऐसे पीएम के तौर पर हैं जो व्यक्तिगत तौर पर और भारतीयों की संवेदनाओं के साथ ही राजनीतिक संवेदना को भी ध्यान में रखेंगे। इसी बात को ध्यान में रखकर वह सेना का प्रयोग कर सकते हैं।
पाक को समझनें होंगे हालात
ब्लैकविल की मानें तो दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के न्यूक्लियर वॉर के हालात न हों, इस बात की कोशिश होगी। ऐसे में पाक को अब यह बात समझ लेनी होगी कि उसके पड़ोसी का बर्ताव एकदम बदल चुका है और भारत में एक ऐसे पीएम हैं जो कड़ा जवाब देने की ताकत रखते हैं।
वहीं स्टीफन कोहेन तो ब्रुकिंग इंस्टीट्यूट में फॉरेन पॉलिसी पर रिसर्च कर रहे हैं, वह भी इस बात से सहमत हैं कि पीएम मोदी पाक को अब किसी भी आतंकी हमले के बाद सेनाओं को कार्रवाई का आदेश देने से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा मुंबई हमले के बाद भारत में लोगों की संवदेनाएं पाक के खिलाफ हैं और इस तरह का कोई और हमला शायद पाक के लिए बड़ी मुसीबत बनकर आएगा।
मुजफ्फराबाद में होगा एक और ऑपरेशन जेरेनिमो!
सिंतबर 2014 में जब पीएम मोदी अपनी पहली अमेरिकी यात्रा पर गए थे तो उनके साथ नेशनल सिक्योरिटी एडवाइर अजित डोवाल भी थे। मोदी तो वापस लौट आए थे लेकिन डोवाल कुछ दिन वहीं पर रुक गए थे। विशेषज्ञों की मानें तो डोवाल अमेरिकी अधिकारियों से मिले और उन्होंने कई अहम मसलों पर चर्चा की थी।
जिस दिन से डोवाल ने देश के नए एनएसए का जिम्मा संभाला है तब से ही इस बात की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी कि भारत पीओके में मुजफ्फराबाद स्थित लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर और यहां पर चल रह करीब 400 टेररिस्ट कैंप्स को खत्म करने के लिए कदम उठा सकता है। मुजफ्फराबाद में अक्सर हाफिज सईद को देखा जाता है और हो सकता है कि भारत कोई बड़ा कदम उठा ले।












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