सत्ता में आने को बेकरार मुशर्रफ बोले भारत दे रहा तालिबान को ट्रेनिंग
इस्लामाबाद। सत्ता में लौटने की बेकरारी क्या होती है, यह बात कोई पाकिस्तान सेना के पूर्व जनरल और पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ से पूछे। पेशावर पर हुए आतंकी हमले का सारा दोष परवेज मुशर्रफ ने भारत और भारतीय इंटेलीजेंस एजेंसी रॉ पर डाल दिया।

क्या कहा है मुशर्रफ ने
मुशर्रफ की बैचेनी पर बात करने से पहले जान लीजिए कि आखिर उन्होंने कहा क्या है। एक भारतीय न्यूज चैनल के साथ बातचीत में मुशर्रफ ने कहा कि रॉ की ओर से पाक में आतंकी हमलों के लिए अफगानिस्तान में भारत ने तालिबानी ताकतों को ट्रेनिंग दी है।
मुशर्रफ के मुताबिक पेशावर हमलों के लिए दोषी मौलाना फजलउल्लाह जो कि तहरीक-ए-तालिबान का कमांडर है, उसे रॉ ने ट्रेनिंग दी है। मुशर्रफ का कहना है कि मौलाना फजलउल्लाह को करजई सरकार की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है और साथ ही रॉ की ओर से पाक में हमले करने का आदेश।
मुशर्रफ और उनके बयान
इस हमले के बाद जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बच्चों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखने की अपील की गई तो पाक में भी कुछ लोगों ने इसकी तारीफ की। लेकिन मुशर्रफ एक अलग ही राग अलापा।
मुशर्रफ कभी कश्मीर में युद्ध छेड़ने की धमकी देते हैं तो कभी भारत के खिलाफ परमाणु युद्ध की तो कभी तो वह यहां तक कह डालते हैं कि अफगानिस्तान से फौजों के जाने के बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच एक प्रॉक्सी वॉर छिड़ जाएगा।
जनता और पाक मीडिया के बीच अपनी मौजूदगी का अहसास कराने के लिए वह पिछले कुछ समय से इस तरह के बयान दे रहे हैं जिसके बाद लोगों का सारा ध्यान सिर्फ उन पर ही चला जाता है। जबकि वह खुद इस बात को जानते हैं कि उनके देश में ही आतंकियों को पनाह दी गई है।
मुजफ्फराबाद पर दिया बयान
कुछ दिनों पहले मुशर्रफ का एक बयान आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि जिस समय वह पाक के राष्ट्रपति थे, उस समय उनकी वजह से भारत के साथ पाक के रिश्ते इस कदर सुधर गए थे कि कश्मीर का मुद्दा सुलझने के हालातों तक पहुंच गया था।
इसी के साथ मुशर्रफ ने यह भी कहा था कि वह मुजफ्फराबाद में मौजूद आतंकी कैंपों को खत्म करने के लिए कार्रवाई तक शुरू करने वाले हैं। थोड़ी ही देर बात शायद मुशर्रफ को इस बात का अहसास हुआ कि उनके इस बयान से मुश्किलें पैदा हो सकती हैं तो वह अपने बयान से पलट गए।
सईद और मुशर्रफ के सुर एक जैसे
यह भी अजब संयोग है कि जिस समय लाहौर में आतंकी हाफिज सईद पेशावर के लिए भारत को जिम्मेदार ठहरा रहा था, मुशर्रफ टीवी चैनल पर भारत को दोष दे रहे थे।
दोनों की बातें एक जैसी और दोनों का निशाना एक जैसा। सईद के बारे में कोई भी बयान देने से बचने वाले मुशर्रफ इस बात से वाकिफ हैं कि उन्हें सत्ता में वापस आना है तो आईएसआई और पाक सेना ही उनकी मददगार साबित होगी।
वहीं पाक सेना और आईएसआई जो सईद की सुरक्षा में लगी रहती है। इसलिए किसी को भी इस बात पर हैरानी नहीं होनी चाहिए कि मुशर्रफ और सर्इद ने पर्दे के पीछे एक दूसरे के साथ हाथ मिला रखा हो।












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