पहचान छिपाकर काम करेंगे पाकिस्तान के ISI चीफ नदीम अंजुम, जारी हुआ ये फरमान
नई दिल्ली, 29 दिसंबर: पाकिस्तान की खुफिया संस्था आईएसआई के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम ने एक फरमान जारी किया है कि उनकी कोई भी तस्वीर या वीडियो मीडिया के हाथ में ना जाने पाए। नदीम अंजुम को पिछले महीने ही इमरान खान की सरकार और वहां की मिलिट्री चीफ कमर जावेद बाजवा के बीच भारी विवाद के बाद इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया था। लेकिन, खुद अंजुम का फरमान है कि उनकी कोई भी तस्वीर या वीडियो किसी भी सूरत में सार्वजनिक नहीं होना चाहिए, क्योंकि वह पूरी तरह से एक गुप्तचर का जीवन जीना चाहते हैं।

छिपकर काम करेंगे आईएसआई चीफ नदीम अंजुम
पाकिस्तान के आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम ने पाकिस्तानी अधिकारियों को आगाह किया है कि आइंदा उनकी कोई भी तस्वीर या वीडियो फुटेज मीडिया के हाथ न लगने पाए। बुधवार को यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट के जरिए मिली है। अंजुम को आईएसआई चीफ नियुक्त करने से पहले इमरान सरकार पाकिस्तानी सेना के चीफ के बीच काफी लंबे वक्त तक टकराव की स्थिति बनी हुई थी। अंजुम से पहले लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद आईएसआई चीफ हुआ करते थे, जिनकी पिछले अगस्त में अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के दौरान काबुल में एक रिपोर्टर के साथ चर्चा की फुटेज वायरल हो गई थी। (पहली तस्वीर सौजन्य @ImJawad06 ट्विटर)

अधिकारियों के लिए जारी किया है फरमान
सोमवार को पाकिस्तान में नेशनल सिक्योरिटी कमिटी की एक बैठक हुई थी, जिसमें वहां की पहली नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी को हरी झंडी मिली है। इस बैठक में आईएसआई के डीजी अंजुम भी उपस्थित थे। लेकिन, न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने उस बैठक की जो तस्वीरें और वीडियों जारी की हैं, उसमें सभी बड़े अफसर, सेना और सरकार के नुमाइंदे मौजूद थे, लेकिन आईएसआई चीफ कहीं नजर नहीं आ रहे थे। इमरान सरकार के एक मंत्री ने अखबार को बाद में बताया कि आईएसआई चीफ ने सरकारी अधिकारियों को निर्देश दे रखे हैं कि वो जिस भी बैठक में शामिल हों, उनकी तस्वीर या वीडियो फुटेज जारी नहीं किए जाएं।

अंजुम की कोई भी नई तस्वीर सार्वजनिक नहीं हुई
रिपोर्ट में कहा गया है कि यही वजह है कि अंजुम की नियुक्ति के बाद से उनकी कोई तस्वीर मीडिया के पास नहीं है। पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (रि) अमजद शोऐब ने कहा है कि इंटेलिजेंस सर्विस का मूल सिद्धांत यही है कि मीडिया की चकाचौंध से दूर रहें और गुमनाम रहकर काम करते रहें। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा है कि बीते समय में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले हैं, जब इस सिद्धांत का सरकारी संस्थाओं ने उल्लंघन किया है। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि अफगान युद्ध के दौरान तत्कालीन आईएसआई चीफ जनरल हामीद गुल और जनरल जावेद नासिर की तस्वीर मीडिया को जारी कर दी गई थी।

गुप्त रहकर कुछ बड़ा गुल खिलाना चाहते हैं अंजुम ?
पाकिस्तानी सेना के पूर्व अफसर का दावा है कि जब उनका प्रमोशन हुआ और उन्हें क्वेटा में जनरल ऑफिसर कमांडर के तौर पर नियुक्ति मिली तब तत्कालीन पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल अब्दुल वाहीद काकर ने उनसे कहा कि मीडिया से दूर रहें। पाकिस्तान के एक और पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर जनरल (रिटायर्ड) एजाज अवान जो कि खुद भी पहले आईएसआई में काम कर चुके हैं, उनका कहना है कि इसके नए चीफ उसी पैटर्न का पालन करना चाहते हैं, जिसका मतलब है कि मीडिया के जरिए लोगों से दूर रहकर अपना मूल काम करते रहें। रिपोर्ट के मुताबिक अवान ने कहना है कि आदर्श तो ये है कि लोगों को पता ही नहीं चले कि देश का खुफिया प्रमुख कौन है।












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