'हम भारत से बातचीत को तैयार', इंडिया की डिप्लोमेटिक स्ट्राइक से घुटनों पर आया पाकिस्तान! शरीफ ने दिया प्रस्ताव

Shehbaz Sharif Offers Peace Talks: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के साथ बातचीत की पेशकश की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत को तैयार है। उन्होंने कहा कि उनका देश कश्मीर, पानी और व्यापार जैसे पुराने मुद्दों को हल करना चाहता है, बशर्ते भारत इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार करे।

यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब दोनों देशों के रिश्तों में लंबे समय से तनाव बना हुआ है। आतंकवाद, सीमा पार घुसपैठ और कूटनीतिक टकराव ने दोनों पड़ोसियों के बीच भरोसे की दीवार खड़ी कर दी है। शरीफ इस समय ईरान के दौरे पर हैं और उन्होंने तेहरान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही।

Shehbaz Sharif

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शरीफ की यह शांति की पेशकश वास्तव में गंभीर है, या यह केवल एक कूटनीतिक चाल है अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को शांतिप्रिय दिखाने की? आइए जानते हैं इस बयान के पीछे की पूरी कहानी और भारत की प्रतिक्रिया।
ये भी पढ़ें: PM Modi Warns Pakistan: 'रोटी खाओ, वरना गोली खाओ', PM मोदी की पाकिस्तान को खुली चेतावनी

कश्मीर, पानी और व्यापार जैसे मुद्दों का जिक्र

शहबाज शरीफ ने कहा, "हम अपने पड़ोसी से पानी के मुद्दे पर शांति के लिए बात करने को तैयार हैं। हम व्यापार को बढ़ावा देने और आतंकवाद के खिलाफ साथ काम करने के लिए भी तैयार हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि उनका देश हमेशा से क्षेत्र में शांति चाहता रहा है और आगे भी इसी दिशा में काम करेगा।

'हम गंभीर हैं, अगर भारत बात करना चाहे'

शरीफ ने साफ कहा कि अगर भारत पाकिस्तान की शांति की पेशकश को स्वीकार करता है, तो पाकिस्तान यह साबित करेगा कि वह इस मुद्दे को गंभीरता और ईमानदारी से सुलझाना चाहता है।

ईरान ने बातचीत का किया समर्थन

ईरानी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति पेजेशकियान ने भारत और पाकिस्तान के बीच स्थायी संघर्षविराम और शांति कायम करने के लिए बातचीत का समर्थन किया। उन्होंने क्षेत्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने पर जोर दिया।

सिंधु जल समझौते पर भारत का रुख सख्त

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया था। इस हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी, जिसके बाद भारत ने कई सख्त कदम उठाए, जिनमें यह संधि भी शामिल थी।

'पाकिस्तान को आतंकवाद से तौबा करनी होगी'

विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक भारत इस संधि को बहाल नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने भी कहा था कि जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या वृद्धि और तकनीकी बदलावों के चलते ज़मीनी हालात बदल चुके हैं।

व्यापार पर भी रोक जारी

भारत सरकार ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के आयात और निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। यह प्रतिबंध सीधे और परोक्ष दोनों रूपों में लागू है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेन-देन पूरी तरह बंद हो गया है।
ये भी पढ़ें: Pakistan Economy: युद्ध की धमकी दे रहे पाकिस्तान की कंगाली आई दुनिया के सामने, वर्ल्ड बैंक ने खोली पोल

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+