Barter trade को मजबूर हुआ पाकिस्तान, इन देशों से हो रही है वस्तुओं की अदला-बदली
पाकिस्तान में विदेशी मुद्रा का भंडार खत्म होने वाला है। इसलिए वहां अब वस्तु-विनिमय के प्राचीन दिन लौट आए हैं। अभी वहां से तीन देशों के साथ बार्टर ट्रेड शुरू किया गया है।

पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार बहुत ही तेजी से खत्म होता जा रहा है। मुश्किल से एक महीने लायक विदेश मुद्रा भी नहीं बची है। लिहाजा उसे बार्टर ट्रेड या वस्तु-विनिमय व्यापार वाले दिनों में वापस लौटना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने अभी अफगानिस्तान, ईरान और रूस के साथ इसकी शुरुआत कर दी है।
वस्तु-विनिमय व्यापार के युग में लौटा पाकिस्तान
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान, ईरान और रूस के साथ कुछ चीजों के बदले वस्तुओं का आदान-प्रदान शुरू कर दिया है। इन चीजों में पेट्रोलियम पदार्थ, एलएनजी, कोयला, गेहूं, दालें, मिनरल धातु और कई खाद्य पदार्थ शामिल हैं। पाकिस्तान की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि अब उसके पास पर्याप्त मात्रा में विदेशी भंडार नहीं है, खजाने खाली हो चुके हैं।
आईएमएफ ने भी मुंह फेरा-रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान को कुछ पड़ोसी मुल्कों के साथ वस्तु-विनिमय व्यापार इसलिए शुरू करना पड़ रहा है, क्योंकि देश की तबाह हो चुकी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) भी आगे आने को तैयार नहीं हो रहा है।
ईरान के साथ व्यापार में अमेरिका भी है अडंगा
रिपोर्ट ये भी है कि बार्टर ट्रेड से उसे बैंकिंग ट्रांजैक्शन से उबरने में मदद मिलेगी। वैसे भी ईरान के साथ औपचारिक आधिकारिक चैनल के माध्यम से व्यापार की संभावना इसलिए नहीं है, क्योंकि उसके खिलाफ अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं।
इन चीजों के बदले पाकिस्तान दूसरे देशों से मंगवाएगा सप्लाई
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक नई व्यवस्था से पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र को काफी फायदा मिलेगा। यहां से मीट, फल, सब्जियां और चावल संबंधित देशों में भेजे जा सकेंगे। इसके साथ ही टेक्सटाइल उद्योग को भी लाभ मिलने की संभावना है।
एक महीने आयात लायक बची विदेशी मुद्रा
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने बार्टर ट्रेड को लेकर शुक्रवार को ही एक विशेष आदेश जारी किया था। इसकी वजह ये है कि पाकिस्तान के पास मुश्किल से एक महीने के आयात के लायक विदेशी मुद्रा बच गई है।
निजी कंपनियां भी कर सकेंगी बार्टर ट्रेड
दूसरी तरफ पाकिस्तान की मुद्रास्फीति अनियंत्रित हो चुकी है और पिछले महीने तो यह 38% के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। सरकार ने जो नया आदेश जारी किया है, उसके तहत सरकारी या निजी कंपनियों को बार्टर ट्रेड की प्रक्रिया अपमाने के लिए मंजूरी लेने की आवश्यकता होगी।
तस्करी पर भी लगाम लगाने की कोशिश
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक खासकर अफगानिस्तान सीमा पर इससे मुद्रा तस्करी की समस्या का हल तो नहीं निकलेगा, लेकिन ईरान और अफगानिस्तान से डीजल जैसी चीजों की तस्करी में कमी हो सकती है, जिससे कि अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार ने आटा, गेहूं, चीनी और फर्टिलाइजर की अफगानिस्तान की ओर की जाने वाली तस्करी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं।
पाकिस्तान में इस समय अर्थव्यवस्था के हालात ये हैं कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 38% और सेंजिटिव प्राइस इंडिकेटर पर आधारित मुद्रास्फीति 48% तक पहुंच चुकी है। पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था के जानकारों के मुताबिक इन विपरीत परिस्थितियों में वस्तु-विनिमय शुरू करने से अर्थव्यवस्था को संभालने में थोड़ी सहायता मिल सकती है।












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