पाक में ओबामा इफेक्ट, जेयूडी और हक्कानी पर बैन आधिकारिक
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने आतंकवाद पर तैयार अपने नेशनल एक्शन प्लान को पूरा करने के मकसद से गुरुवार को एक अहम कदम उठाया है। पाक के आंतरिक मंत्रालय की ओर से लश्कर-ए-तैयबा के संगठन जमात-उद-दावा और हक्कानी नेटवर्क पर बैन लगा दिया गया है।

रविवार को ओबामा भारत में गुरुवार को बैन
पाक ने इन संगठनों के अलावा 12 और आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित संगठनों की लिस्ट में डाल दिया है। पाक ने यह कदम रविवार से शुरू हो रही अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के तीन दिन पहले ही उठाया है। इस बैन के साथ ही पाकिस्तान ने जेयूडी के बैंक खातों को सील कर दिया है और साथ ही हाफिज सईद की विदेश यात्रा पर भी पाबंदियां लगा दी गई हैं।
अमेरिका दबाव में उठाया कदम
पाक न्यूज पेपर डॉन में पाक के आतंरिक मंत्रालय के अधिकारी का जो बयान छपा है वह यह साफ करता है कि ओबामा की यात्रा के मद्देनजर ही पाक ने यह कदम उठाया है। इस अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका की ख्वाहिश थी कि हक्कानी नेटवर्क और जेयूडी को बैन कर दिया जाए लेकिन इस फैसले में सरकार की ओर से थोड़ी देर हो गई।
इस अधिकारी की मानें तो पेशावार के आर्मी पब्लिक स्कूल पर तहरीक-ए-तालिबानी की ओर से जो आतंकी हमला किया गया, उसके बाद ही पाक की सरकार यह कदम उठाने पर मजबूर हुई।
विदेश मंत्रालय का अलग बयान
बैन को लेकर लगता है कि नवाज शरीफ के मंत्री बड़े ही कंफ्यूज हैं। जहां आतंरिक मामलों से जुड़ा मंत्रालय बोल रहा है कि अमेरिका की ओर से इस बैन की मांग लगातार की जा रही थी। ऐसे में पाक को यह कदम उठाना पड़ा तो वहीं पाक का विदेश मंत्रालय कह रहा है कि किसी भी दबाव की वजह से नहीं बल्कि यूनाइटेड नेशंस की ओर से जारी फरमान के बाद यह कार्रवाई की गई है।
पाक विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा कि पाक ने यह फैसला न तो जॉन कैरी के दबाव में आकर लिया है और न ही किसी देश के दबाव में आकर बल्कि संयुक्त राष्ट्रसंघ का बाध्यता की वजह से उसने यह कदम उठाया है।
कौन-कौन से संगठन बैन
- हक्कानी नेटवर्क
- जमात-उद-दावा
- हरकत-उल-जिहादी इस्लामी
- हरकत-उल-मुजाहिद्दीन
- फलाह-आई-इंसानियत फाउंडेशन
- उम्माह तामीर-आई-नाउ
- हाजी खैरुल्लाह हाजी
- सतार मनी एक्सचेंज
- राहत लिमिटेड
- रोशन मनी एक्सचेंज
- अल अख्तर ट्रस्ट
- अल राशिद ट्रस्ट
भारत और अमेरिका का सिरदर्द
हक्कानी नेटवर्क को अफगानी वारलॉर्ड जलालुद्दीन हक्कानी की ओर से शुरू किया गया था। इसका मकसद अमेरिका पर ज्यादा से ज्यादा आतंकी हमलों में इजाफा करना है। अमेरिका ने सितंबर 2012 में इस नेटवर्क को आतंकी संगठन घोषित कर इसे बैन कर दिया था। भारत और अमेरिका दोनों की ओर से ही जेयूडी और हक्कानी को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की जा चुकी है।












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