पीएम मोदी के नोट बैन के ऐलान को पाक ने समझा जंग का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोट बैन ऐलान के बाद पाकिस्तान में मौजूद फेक करेंसी ऑपरेटर्स में मची भगदड़।
इस्लामाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को ऐलान किया कि अब देश में 500 और 1,000 रुपए के नोट मान्य नहीं होंगे। उन्होंने ऐलान तो नई दिल्ली में किया लेकिन हलचल सैंकड़ों मील दूर इस्लामाबाद में मची हुई थी। पूरे दिन पाकिस्तान बस यही सोचता रहा कि आखिर भारत कौन सा कदम उठाने जा रहा है।

आईबी और रॉ की नजर पाक पर
इंटलीजेंस ब्यूरों (आईबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के अधिकारी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान में हो रही बातों पर नजर रखे हुए हैं।
इन अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तान काफी घबराया हुआ था और इसके कई नेता परेशान थे। दरअसल मंगलवार की ही सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मीटिंग की थी।
शाम को आठ बजे पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। इसके बाद पीएम मोदी ने नेशनल टीवी पर राष्ट्र को संबोधित किया।
पाकिस्तान मान रहा था कि पीएम मोदी पाक के खिलाफ युद्ध का ऐलान करने वाले हैं या फिर बार्डर से जुड़े किसी अहम घटनाक्रम का ऐलान करने वाले हैं।
पीएम मोदी ने नोट बैन करने का ऐलान किया तो पाक की घबराहट कुछ कम हुई।
देखते-देखते पाक को लगा 5,000 करोड़ का चूना
पीएम मोदी ने नोट बैन का ऐलान किया और इस ऐलान के साथ ही एक बार फिर से पाक का ब्लड प्रेशर बढ़ गया। देखते ही देखते पाकिस्तान में जाली नोट छापने वाले माफिया गिरोहों को समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करे।
पाक के ये माफिया सिर्फ 500 और 1,000 के नकली नोटों को छापने का काम करते हैं। उन्हें पता लग गया था कि अब उनके नोट किसी काम के नहीं हैं और 5,000 करोड़ की इंडस्ट्री देखते ही देखते कबाड़ में बदल गई।
विशलेष्कों और आईबी के अधिकारियों की मानें तो आठ नवंबर को होने वाले सारे घटनाक्रम ने पाक को एक अलग ही दिशा में सोचने को मजबूर कर दिया था। पीएम मोदी की घोषणा ऐसी घोषणा थी जिसे छह माह से एक सीक्रेट की तरह रखा जा रहा था।
इस ऐलान से पहले सेना प्रमुखों से मुलाकात और फिर राष्ट्रपति के साथ खास मीटिंग, तीनों ही बातों से पाक का ध्यान बंटा था। पाक को छोड़ दें तो लोग भी किसी बड़े ऐलान का इंतजार कर रहे थे।












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