तो झूठ बोल रहा है पाकिस्तान, बालाकोट में हमले वाली जगह पर मीडिया की एंट्री को किया बैन
जाबा। पाकिस्तान के बालाकोटा में 26 फरवरी को इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) ने जैश-ए-मोहम्मद के जिस अड्डे पर हमला किया था, वहां पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया को जाने से रोका जा रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के अधिकारियों ने उसकी एक टीम को पाक के नॉर्थ ईस्ट के जाबा में उस जगह पर जाने से रोका दिया जिसे आईएएफ ने हमले में तबाह किया था। रॉयटर्स का कहना है कि यह एक मदरसा है और इसके आस-पास कुछ और बिल्डिंग्स हैं। पाक सरकार की मानें तो भारत की ओर से जो हवाई हमले हुए थे उसमें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ था। लेकिन यह रिपोर्ट उसके ही दावे पर संदेह पैदा कर रही है।

आतंकी अड्डे का रास्ता ब्लॉक
रॉयटर्स की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक पिछले नौ दिनों यह में तीसरा मौका है जब उसकी टीम ने इस जगह का दौरा किया था। हर बार इस जगह तक जाने के रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया था। जहां गांव वालों ने इसे एक धार्मिक स्कूल बताया है जिसे एक समय में जैश की ओर से संचालित किया जाता था तो वहीं भारत सरकार ने इसे आतंकियों का अड्डा बताया है। विदेश सचिव विजय गोखले के हवाले से रॉयटर्स ने लिखा है कि हवाई हमलों में भारी तादाद में जैश के आतंकी, ट्रेनर्स और सीनियर कमांडर्स मारे गए थे। इसके अलावा आतंकी अड्डे पर जिहादियों के एक बड़े ग्रुप को भी निशाना बनाया गया था। यह भी पढ़ें-पाकिस्तान के बालाकोट हमले का इसरो और अमेरिका के सैटेलाइट से है क्या खास कनेक्शन!

सेना ने मीडिया का दौरा दो बार टाला
पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारी इस जगह की सुरक्षा में लगे रहते हैं। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वे इस जगह पर किसी को जाने नहीं दे रहे हैं। राजधानी इस्लामाबाद में मिलिट्री की मीडिया विंग ने दो बार जगह पर मीडिया का दौरा मौसम और दूसरी वजहों का हवाला देते हुए कैंसिल कर दिया है। इसके अलावा एक अधिकारी की मानें तो अगले कुछ दिनों तक सुरक्षा कारणों के चलते इस जगह पर जाना मुमकिन नहीं होगा। यह भी पढ़ें-इंडियन एयरफोर्स ने हिंदी कविता के साथ पाकिस्तान को किया ट्रोल

100 मीटर की दूरी से दिखता है मदरसा
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक उसकी टीम को 100 मीटर की दूरी से मदरसा दिखता है। बिल्डिंग के आसपास भारी मात्रा में पेड़ हैं और कहा जा रहा था कि सिर्फ पेड़ों को नुकसान हुआ है। किसी भी तरह के जानमाल की कोई हानि नहीं हुई है। लेकिन अब यहां तक पहुंचना बहुत ही मुश्किल हो गया है।

गांववालों ने कहा अब मदरसा नहीं चलता
बुधवार को रॉयटर्स की ओर से ही हाई रेजोल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई थीं। इसमें कहा गया था कि ऐसा लगता है कि मदरसा वहीं पर खड़ा और अप्रैल 2018 वाली इसकी पुरानी स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। वहीं एक गांव वाले ने एजेंसी को बताया है कि यहां पर एक मदरसा हुआ करता था लेकिन अब यह सक्रिय नहीं है। इस गांव वाले ने पहाड़ियों से घिरे जाबा में स्थित एक सफेद बिल्डिंग की तरफ इशारा किया था। यह भी पढ़ें-बालाकोट हवाई हमले में गिराए गए हर बम में था 70 से 80 किलो विस्फोटक












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