दिग्गज केंद्रीय मंत्री के बेटे ने किया आत्मसमर्पण, कौन है बंडी भागीरथ, क्या है 5 करोड़ का पूरा खेल?
Bandi Bhagirath: तेलंगाना की राजनीति में इन दिनों केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार (Bandi Sanjay Kumar) और उनके बेटे बंडी भागीरथ (Bandi Bhagirath) का नाम लगातार चर्चा में है। POCSO मामले में साइबराबाद पुलिस (Cyberabad Police) की कार्रवाई तेज होने के बाद बंडी भागीरथ ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया था ताकि वह देश छोड़कर बाहर न जा सके।
मामले में 17 साल की लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, इस केस के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक तरफ मंत्री ने कानून पर भरोसा जताया है, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इसी बीच लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर बंडी भागीरथ कौन है और उनका राजनीतिक परिवार से क्या संबंध है।

कौन हैं बंडी संजय कुमार (Who is Bandi Sanjay Kumar)?
बंडी संजय कुमार तेलंगाना की राजनीति का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वे BJP के वरिष्ठ नेता हैं और केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाल रहे हैं। इससे पहले वे बीजेपी की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अपने आक्रामक भाषणों और हिंदुत्व की राजनीति को लेकर बंडी संजय कुमार अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। तेलंगाना में बीजेपी को मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है।
कौन हैं बंडी भागीरथ (Who is Bandi Bhagirath)?
बंडी भागीरथ केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता बंडी संजय कुमार के बेटे हैं। उनका पूरा नाम बंडी साई भागीरथ बताया जाता है और वे तेलंगाना के करीमनगर से जुड़े एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी उम्र करीब 23 साल है। उन्होंने हैदराबाद की महिंद्रा यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। साल 2023 में कॉलेज के एक छात्र के साथ मारपीट के मामले में भी उनका नाम सामने आया था, जिसके बाद वे चर्चा में आए थे।
फिलहाल वे किसी राजनीतिक पद पर नहीं हैं और सार्वजनिक जीवन में ज्यादा सक्रिय भी नहीं रहे हैं। हाल के दिनों में पॉक्सो मामले में नाम आने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गए हैं। साइबराबाद पुलिस (Cyberabad Police) ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) और POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत 17 वर्षीय लड़की की मां की ओर से दी गई थी, जिसमें यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।
लुक-आउट सर्कुलर के बाद किया सरेंडर
मामले की जांच कर रही साइबराबाद पुलिस (Cyberabad Police) ने आरोपी के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया था। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी देश छोड़कर बाहर जा सकता है। इसके बाद बंडी भागीरथ (Bandi Bhagirath) ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
बेटे को जांच के लिए पुलिस को सौंपा
आत्मसमर्पण के बाद केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार (Bandi Sanjay Kumar) ने बयान जारी कर कहा कि वे कानून का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक कानून के सामने बराबर हैं और उनके बेटे को जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद ही वे बेटे को पुलिस (Police) को सौंपना चाहते थे, लेकिन कानूनी सलाह और सबूतों की जांच के कारण थोड़ी देरी हुई। मंत्री के मुताबिक, वकीलों का मानना था कि मामला कमजोर है और अदालत से राहत मिलने की संभावना थी।
आरोपी ने लगाए ब्लैकमेल के आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब बंडी भागीरथ (Bandi Bhagirath) की ओर से भी पुलिस में जवाबी शिकायत दी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लड़की और उसके परिवार ने शादी का दबाव बनाया था। आरोप है कि रिश्ता स्वीकार नहीं करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि दबाव के चलते पहले 50 हजार रुपये दिए गए थे और बाद में 5 करोड़ रुपये की मांग की गई।
मंत्री को हटाने की उठी मांग
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया है। के. कविता (K.Kavitha) ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री को पद से हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए यह कदम जरूरी है। वहीं, तेलंगाना हाई कोर्ट (Telangana High Court) ने आरोपी को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और अदालत की अगली सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।












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