मिलिए पाकिस्तान के उन पांच जजों से जिन्होंने एक मत से नवाज शरीफ को ठहराया दोषी
इस्लामाबाद। पनामा पेपर लीक मामले में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पीएम नवाज शरीफ को दोषी करार दिया। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम संख्या 1 में पांच-सदस्यों की खंडपीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। बता दें कि पनामा पेपर लीक मामला सीधे तौर पर पीएम शरीफ और उनके बेटे-बेटी से जुड़ा हुआ है। नवाज शरीफ को अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पद छोड़ना होगा। बता दें कि जस्टिस आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बैंच मामले पर फैसला सुनाया। इस बार ऐसा हुआ है कि पांचों जजों ने तो एक मत से नवाज शरीफ को दोषी ठहराया है। आईए आपको उन पांचों जजों के बारे में बताते हैं।

जस्टिस आसिफ सईद खान खोसा
जस्टिस आसिफ सईद खान खोसा का जन्म 21 दिसंबर 1954 को हुआ था। वो 31 दिसंबर 2016 से पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में सीनियर जस्टिस हैं। जस्टिस खोसा अपने टेक्सट्यूलिस्ट दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। जस्टिस खोसा पनामा पेपर लीक मामले में नवाज शरीफ को पहले भी अयोग्य करार दे चुके हैं। बतौर जज अपने 18 साल से ज्यादा के करियर में जस्टिस खोसा ने 50 हजार से ज्यादा केसों का निपटारा किया है।
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जस्टिस गुलजार अहमद
जस्टिस गुलजार अहमद का जन्म 2 फरवरी 1957 को कराची में हुआ था। सिंध हाईकोर्ट बार एशोसिएशन के सेक्रेटरी चुने जाने से पहले वो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील रह चुके हैं। 2002 में जस्टिस गुलजार को हाईकोर्ट ऑफ सिंध का न्यायधीश चुना गया था उसके बाद प्रमोट होकर वो साल 2011 में वो सुप्रीम कोर्ट के जज बने। जस्टिस खोसा के साथ ही जस्टिस गुलजार अहमद ने भी पनामा पेपर लीक मामले में नवाज शरीफ को अयोग्य करार दिया था।

जस्टिस एजाज अफजल खान
जस्टिस एजाज अफजल खान ने 1977 में खैबर लॉ कॉलेज से स्नातक की डिग्री ली। 1991 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बतौर जज नियुक्त किए गए। इससे पहले उन्होंने पेशावर हाईकोर्ट में 9 साल तक बतौर जज सेवा दी। 2009 में वो चीफ जस्टिस बने और फिर 2011 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जस्टिस एजाज अफजल ही पनामा पेपर लीक मामले में 540 पेज के फैसले में आरोपों की जांच के लिए नियुक्त किए गए थे।

जस्टिस एजाजुल अहसन
पंजाब विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज से एलएलबी करने के बाद जस्टिस एजाजुल अहसन ने अपना पोस्ट ग्रेजुएट न्यूयॉर्क के कॉर्नेल विश्वविद्यालय से किया। 2009 में बेंच ने उन्हें जज चुना और साल 2011 में वो लाहौर हाईकोर्ट के जज बने। 2015 में वो चीफ जस्टिस चुने गए और जून 2016 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।

जस्टिस शेख अजमत सईद
जस्टिस शेख अजमत सईद को 1980 में लाहौर हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया। कुछ ही साल में वो प्रमोट होकर पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में बतौर जज पहुंच गए।












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