तालिबान से हर कीमत वसूलना चाहता है पाकिस्तान, भारत के लिए तैयार पूरी लिस्ट देखिए
इस्लामाबाद, 26 अगस्त: काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद उसके आतंकियों के अलावा अगर कोई सबसे ज्यादा उत्साहित है तो वह है पाकिस्तान, वहां के हुक्कमरान और प्रभावी लोग। उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है कि वह इस खुशी को किस तरह से जाहिर करें। तालिबान के दम पर उन्होंने ढेर सारे मंसूबे पाल रखे हैं। जाहिर है कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि तालिबान उसके सबसे बड़े दुश्मन भारत से हिसाब चुकता करने में उसकी पूरी मदद करेगा। मदद क्या, पाकिस्तान तो शायद इस उम्मीद में है कि तालिबान के दम पर तो वह अब भारत को भी फतह कर सकता है। यह भावना खुद पाकिस्तान के पत्रकार जाहिर कर रहे हैं।

तालिबान या अलादीन का चिराग!
तालिबान की तीमारदारी में पाकिस्तान के नेता हमेशा से लगे रहे हैं और उसे वह 'अच्छा तालिबान' बताने के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को 'खराब तालिबान' बताते रहे हैं। जब अमेरिका ने अफगानिस्तान से निकलने का ऐलान कर दिया, तभी से पाकिस्तान दुनिया में तालिबान का महिमामंडन करने में लग गया। उसे 21वीं सदी का तालिबान बताया गया। बोला गया कि वह 20 साल पहले वाला तालिबान नहीं रह गया है। पाकिस्तान में सत्ता के शिखर से नए तालिबान की ब्रांडिंग की जाने लगी। अब चाहे अमेरिका के कमजोर नेतृत्व के चलते या फिर अफगान सरकार की नाकामियों के चलते तालिबान अपने मकसद में कामयाब हुआ है, लेकिन पाकिस्तान को तो लग रहा है जैसे कि अलादीन का चिराग हाथ लग गया है।

तालिबान से भारत के खिलाफ क्या चाहता है पाकिस्तान?
तालिबान को भारत के खिलाफ हर मर्ज की दवा समझ लेने वाले पाकिस्तानियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। लेकिन, हम यहां कुछ का ही जिक्र कर रहे हैं कि कैसे पाकिस्तान अब अपने ख्वाबों को तालिबान के जरिए पूरा होने का मंसूबा पाल बैठा है। मसलन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) की नेता नीलम इरशाद शेख को ही लीजिए। मोहतरमा ने दावा कर दिया है कि तालिबान कश्मीर जीतकर पाकिस्तान को दे देगा। पाकिस्तान की एक पत्रकार नायला इनायत ने लिखा है कि 'क्या तालिबान लाल किले पर झंडा फहराने के पाकिस्तान के ड्रीम प्रोजेक्ट को भी पूरा करके देने वाला है।' उन्होंने तंज भरे अंदाज में लिखा है, 'और जब कश्मीर और झंडा हो जाएगा तो पाकिस्तानी अपनी इच्छाओं की पूरी लिस्ट बाहर निकालकर तालिबान को थमा देंगे और हमारे लिए तालिबान को बाकी ग्रोसरी आइटम के अलावा पुदीना और धनिया भी लाने को कहेंगे। '

पाकिस्तान ने 'गिरगिट' की तरह बदला रंग!
उन्होंने सधे हुए अंदाज में यह भी बताने की कोशिश की है कि तालिबान के मुद्दे पर पाकिस्तान का रंग दुनिया के सामने किस तरह से तेजी से बदलता गया है। शुरू में उसने कहा कि पाकिस्तान को उससे को लेना देना नहीं है। फिर इमरान ने कह दिया कि अफगानिस्तान ने गुलामी की बेड़ियां तोड़ दी हैं। कहा गया कि पाकिस्तान की यही कामयाबी है कि 'भारत चुप है' और 'भारत की हार उसके चेहरे पर लिखी हुई है।' नायला इनायत का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार काबुल पर नए शासन को लेकर दुनिया के रुख का इंतजार कर रही है, लेकिन पाकिस्तान के जमात ए इस्लामी के चीफ को लगता है कि तालिबान की जीत इस्लाम की जीत है। वह लगातार दबाव बना रहे हैं कि इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान को सबसे पहले मान्यता दे। उन्होंने ये भी कहा है कि 'तालिबान के हाथों अमेरिका की हार से कश्मीर और फिलीस्तीन की मुक्ति का सपना मजबूत हुआ है। '

लड़कियों से लगवाए जा रहे 'सलाम तालिबान' के नारे
आलम तो यह है कि जिस तालिबान के डर से अफगानी महिलाओं की जान अटकी हुई है, उन्हें घर से खींच-खींच कर जबरिया निकाह के लिए मजबूर किया जा रहा है, उसके लिए पाकिस्तानी मदरसों में लड़कियों से सलाम तालिबान नारे लगवाए जा रहे हैं। इसी तरह लाल मस्जित के मौलाना ने यहां तक कहा है कि इस्लामिक अमीरात का विस्तार अब अफगानिस्तान तक ही सीमित न रखकर उसे सभी मुस्लिम देशों, जैसे कि ईरान, बांग्लादेश और इराक तक में करना चाहिए। लेकिन, सवाल है कि क्या पाकिस्तानी आने वाले दिनों में अपने देश में भी तालिबान का झंडा लहराते देखना चाहेंगे ?












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