लद्दाख से बस 300 किलोमीटर दूर चीन और पाकिस्‍तान के फाइटर जेट्स भर रहे हैं उड़ान

इस्‍लामाबाद। भारत की तरफ से जम्‍मू कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने और इसे एक संघ शासित प्रदेश के तौर पर घोषित करने के बाद अब चीन और पाकिस्‍तान लद्दाख से दूर उत्‍तर में एक बड़ी मिलिट्री एक्‍सरसाइज को अंजाम देने में लगे हुए है। इस एक्‍सरसाइज का नाम शाहीन III है और यह एक ज्‍वॉइन्‍ट एयरफोर्स एक्‍सरसाइज है। गौरतलब है कि चीन ने भारत सरकार के फैसले का विरोध किया था। भारत ने अपने फैसले के तहत जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख को दो संघ शासित प्रदेशों में बांट दिया है। यह मिलिट्री एक्‍सरसाइज ऐसे समय में हो रही है जब भारत के साथ पाक के रिश्‍ते इस समय अपने सबसे निचले स्‍तर पर हैं।

भारत के लिए क्‍यों है चिंता का विषय

भारत के लिए क्‍यों है चिंता का विषय

यह एक्‍सरसाइज लद्दाख से 300 किलोमीटर दूर उत्‍तर में हो रही है। चीन और पाकिस्‍तान दोनों करीबी देश हैं। एक्‍सरसाइज पर इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) करीब से नजर बनाए हुए है। भारत के लिए इस वर्ष एक्‍सरसाइज चिंता का विषय इसलिए है क्‍योंकि पाक के साथ रिश्‍ते ठीक नहीं हैं और दूसरा लद्दाख के करीब इसका आयोजन हो रहा है। पाकिस्‍तान एयरफोर्स का फाइटर जेट जेएफ-17 इस वर्ष इसका हिस्‍सा है। जेएफ-17 थंडर जेट्स को गिलगित-बाल्‍टीस्‍तान से गुजरते हुए देखा जा सकता है जो कि इस समय पाकिस्‍तान के कब्‍जे में है। भारत इस हिस्‍से को अपना बताता है क्‍योंकि यह पीओके में आता है। पाकिस्‍तान ने यहां पर स्थित स्‍कार्दू एयरबेस को बहुत समय के बाद चीन के साथ प्रयोग कर रहा है।

पाकिस्‍तान और चीन के कौन से जेट

पाकिस्‍तान और चीन के कौन से जेट

इस एक्‍सरसाइज में पाकिस्‍तान एयरफोर्स के फाइटर जेट जेएफ-17 के अलावा चीनी एयरफोर्स जे-10 और जे-11 जेट्स को प्रयोग कर रहा है। जेएफ-17 एक सिंगल सीटर जेट है और हाल ही में चीन ने इसे ओवरहॉल किया है। अब जेएफ-17 पाकिस्‍तान एयरफोर्स के लिए रीढ़ की हड्डी बन गया है। अमेरिका ने एफ-16 की सेल पर रोक लगा दी है और अब ऐसे में उसे चीन के जेएफ-17 जेट्स का ही सहारा है। बताया जा रहा है कि चीन, पाक को 100 और जेएफ-17 देने की तैयारी में है। वहीं चीन का जे-17 और जे-11 मॉर्डन फाइटर जेट है और इसकी सेना का अहम हिस्‍सा है। साल 2003 में इस जेट को चीन ने सेना में शामिल किया था और यह चीन का सबसे पहला स्‍वदेशी फाइटर जेट है। इस जेट में पीएल-10 और पीएल-15 एयर टू एयर मिसाइल के अलावा इलेक्‍ट्रॉनिकली स्कैन्‍ड एरे यानी एईएसए है।

एक हफ्ते बाद सक्रिय हुआ पाकिस्‍तान

एक हफ्ते बाद सक्रिय हुआ पाकिस्‍तान

पांच अगस्‍त को जम्‍मू कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने के एक हफ्ते बाद खबर आई थी कि पाकिस्‍तान लद्दाख के करीब स्‍कार्दू सेक्‍टर में फाइटर जेट्स तैनात कर रहा है। सरकार के सूत्रों ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई को इस बात की जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया था कि जम्‍मू कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही पाकिस्‍तान की सेनाओं ने अपने इक्विपमेंट्स को फॉरवर्ड बेसेज की तरफ भेजना शुरू कर दिया है। तीन सी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को पाकिस्‍तान एयरफोर्स ने स्‍कार्दू में अपने एयरबेस पर उपकरणों को ले जाने के लिए प्रयोग किया है। स्‍कार्दू , भारत के लद्दाख के बिल्‍कुल सामने है। भारतीय एजेंसियां इस जानकारी के आने के बाद से ही सतर्क हैं और पाक पर करीब से नजर रख रही हैं।

पाकिस्‍तान का फॉरवर्ड बेस स्‍कार्दू

पाकिस्‍तान का फॉरवर्ड बेस स्‍कार्दू

लद्दाख से एजेंसियां पाकिस्‍तान के पूरे बेड़े पर नजर रख सकती हैं। पाकिस्‍तान ने सी-130 के पुराने वर्जन का प्रयोग किया था और यह एयरक्राफ्ट उन्‍हें अमेरिका से बहुत साल पहले मिला था। पाकिस्‍तान के तानाशाह जनरल जिया उल हक भी इसी एयरक्राफ्ट क्रैश में मारे गए थे। सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्‍तान एयरफोर्स अपने फॉरवर्ड एयरबेस पर एक्‍सरसाइज की योजना बना रही है और हो सकता है कि ये उपकरण उसी का हिस्‍सा हों। स्‍कार्दू पाकिस्‍तान एयरफोर्स का एक फॉरवर्ड एयरबेस है और भारत से सटे बॉर्डर पर तैनात पाकिस्‍तान आर्मी के लिए सपोर्ट सिस्‍टम का काम करता है।

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