चावल निर्यात पर भारत के प्रतिबंध से पाकिस्तान की किस्मत चमकी, प्रति टन 100 डॉलर तक बढ़ी कीमत
भारत ने गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध क्या लगाया है, पाकिस्तान की तो लॉटरी लग गई है। वहां के चावल निर्यातकों के पास अचानक से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स की लाइन लग गई है।
पिछले 20 जुलाई को भारत सरकार ने घरेलू सप्लाई में तेजी लाने और आने वाले त्योहारी मौसम में चावल की खुदरा कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

भारत के फैसले से पाकिस्तानी कंपनियों के पास ऑर्डर बढ़े
गौरतलब है कि देश से जो कुल चावल का निर्यात होता है, उसमें से लगभग 25 फीसदी हिस्सा गैर-बासमती सफेद चावल का ही होता है। लेकिन, अब भारत की ओर से इसके निर्यात रोकने का फायदा पाकिस्तान को मिलने जा रहा है। पाकिस्तान के राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन चेला राम केवलानी ने कहा है कि भारत से गैर-बासमती सफेद चावन के निर्यात पर रोक लगने के बाद पाकिस्तानी कंपनियों के पास निर्यात के ऑर्डर बढ़ गए हैं।
'अंतरराष्ट्रीय खरीदार अब पाकिस्तानी निर्यातकों का रुख कर रहे हैं'
उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा है, 'भारत की ओर से गैर-बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी लगाए जाने के बाद ग्लोबल मार्केट में पाकिस्तानी चावल की मांग बहुत ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय खरीदार अब पाकिस्तानी निर्यातकों का रुख कर रहे हैं।'
600 डॉलर प्रति टन तक पहुंच सकती है कीमत
उनका कहना है कि इस साल पाकिस्तान से 3 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा कीमत के चावल निर्यात की उम्मीद है। उन्होंने बताया है कि बासमती चावल की कीमत प्रति टन 100 डॉलर तक बढ़ गई है। उनके मुताबिक, 'भारत के गैर-बासमती सफेद चावल निर्यात पर बैन लगाने से पहले, पाकिस्तानी गैर-बासमती चावल की कीमत प्रति टन 450 डॉलर थी....लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 500 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक हो चुकी है। क्वालिटी पर निर्भर करेगा कि इसकी कीमत 600 डॉलर प्रति टन तक पहुंच सकती है।'
पाकिस्तान से 50 लाख टन चावल खरीदना चाहता है रूस
पाकिस्तानी चावल निर्यातक संघ के चेयरमैन के मुताबिक इस वजह से अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और अन्य यूरोपीय देशों से इसकी मांग में बढ़ोतरी तो हुई ही है, रूस ने भी पाकिस्तान से 50 लाख टन चावल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। उन्होंने कहा, 'गैर-बासमती चावल निर्यात के लिए हमारी 27 रूसी कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है।'
भारत के फैसले से पाकिस्तान को बड़ी मदद- पाकिस्तानी निर्यातक
यही नहीं पाकिस्तानी निर्यातकों के साथ मेक्सिको की भी बातचीत जारी है, जो पाकिस्तानी चावल खरीदना चाहता है। केवलानी का कहना है कि वैश्विक बाजार में भारतीय गैर-बासमती सफेद चावल की बहुत ज्यादा डिमांड रहती है। यही वजह है कि जब भारत ने उसे बाहर भेजने से रोकने का फैसला किया है, पाकिस्तानी निर्यातकों को बड़ी मदद मिली है।
दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है भारत
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार भारत की ओर से गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर रोक लगाए जाने से कई एशियाई और अफ्रीकी देशों के उपभोक्ताओं पर जोरदार मार पड़ने वाली है। गौरतलब है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है। दुनिया के चावल कारोबार में भारत की हिस्सेदारी 40% रही है।
इन देशों पर भी पड़ेगी मार
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के फैसले से सबसे ज्यादा दिक्कत मलेशिया को होने वाली है। इसी तरह सिंगापुर भी प्रभावित हो सकता है, जो अपनी जरूरत का 30 फीसदी चावल भारत से ही खरीदता है। इनके अलावा अफ्रीकी और मध्य-एशियाई देशों को भी इसकी वजह से परेशानी बढ़ने वाली है।












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