India Pakistan Tension: नहीं सुधर रहे एर्दोआन, बोले- 'पाकिस्तान तुर्किये की दोस्ती जिंदाबाद'
India Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान (India Pakistan Tension) के बीच तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत के एयरबेस, नागरिक विमानों से लेकर शहरों और गुरुद्वारों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. पाकिस्तान की इस नापाक हरकत में खुले तौर पर तुर्किये ने साथ दिया है. भारत पर हमला करने के लिए तुर्की ने अपने ड्रोन मुहैया कराए थे, जिसे भारतीय सेना ने सटीक एयर डिफेंस में नाकाम कर दिया. अब तुर्किये के राष्ट्रपति ने एक बार फिर भारत विरोधी रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को अपना समर्थन दिया है. उन्होंने शहबाज शरीफ को अपना भाई बताते हुए कहा कि पाकिस्तान और तुर्की की दोस्ती जिंदाबाद है.

India Pakistan Tension के बीच एर्दोआन ने दिखाया अपना रंग
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन का झुकाव हमेशा से पाकिस्तान की तरफ रहा है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी तुर्किये पूरी तरह से भारत के विरोध में और पाकिस्तान के समर्थन में नजर आ रहा है. भारत में तुर्किये के सामान और यात्रा का बहिष्कार करने की बात की जा रही है, ऐसे वक्त में भी एर्दोआन खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में नजर आ रहे हैं. तुर्की के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने शहबाज शरीफ के लिए डियर ब्रदर शब्द का इस्तेमाल किया है. साथ ही, उन्होंने लिखा कि तुर्किये पाकिस्तान के साथ अच्छे-बुरे हर तरह के समय में मजबूती के साथ डटा हुआ है.
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शहबाज शरीफ ने भी तुर्किये की तारीफ में बांधे पुल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तुर्किये के राष्ट्रपति का शुक्रिया जताते हुए दोनों देशों की दोस्ती को अटूट और भविष्य की संभावनाओं से भरपूर बताया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए तुर्किये का अटूट समर्थन और सहयोग भविष्य में भी इन दोनों देशों के मजबूत रिश्ते का प्रतीक है. बता दें कि कर्ज में डूबी हुई पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को अब सिर्फ चीन और तुर्किये जैसे देशों का ही सहारा बचा है.
भारत में हो रहा है एर्दोआन की नीतियों का विरोध
पाकिस्तान के आतंकियों को समर्थन देने की नीति का भारत हमेशा से विरोध करता रहा है. तुर्किये और अजरबैजान जैसे देशों ने जिस तरह से पाकिस्तान के कायराना हमले का मूक समर्थन किया और सैन्य मदद की है. भारत में इसका पुरजोर विरोध हो रहा है. भारत और तुर्की के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में 10.43 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था. भारतीयों के बीच तुर्की एक लोकप्रिय डेस्टिनेशन भी है. भारत में तुर्की के बॉयकॉट की मांग हो रही है. इससे तुर्की को बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है.
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