इमरान खान की बेबसी की कहानी, उन्हीं की जुबानी- "एक चीज जो मुझे कई दफा रातों को जगाती है..."
नई दिल्ली, 23 जनवरी: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने माना है कि मुल्क में बढ़ती महंगाई और मुद्रास्फीति पर कंट्रोल करना उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने पाकिस्तानी जनता की दिक्कतों का सारा ठीकरा अपनी पहले की सरकारों और कोविड महामारी पर फोड़ा है और साथ ही मीडिया के एक वर्ग पर अवाम में मायूसी फैलाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने एक लाइव कार्यक्रम में जिस तरह से बातें की हैं, उसके जरिए उन्होंने हालात को नियंत्रित नहीं कर पाने को लेकर अपनी बेबसी जाहिर करने की कोशिश की है और यहां तक दावा किया है कि जनता की परेशानियों की वजह से उन्हें रातों को नींद भी नहीं आती।

इमरान खान की बेबसी की कहानी
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने महंगाई पर कंट्रोल कर पाने में अपनी बेबसी बयां की है। उन्होंने कहा है कि यह एक ऐसी स्थिति है, जो रातों में उन्हें सोने नहीं देती। हालांकि, उन्होंने इस तरह की दलीलें पेश कर खुद को पाक-साफ बताने की कोशिश की है कि हालात उनके कंट्रोल से बाहर है। उन्होंने पाकिस्तान की अवाम में मायूसी फैलाने का ठीकरा मीडिया पर फोड़ा है। उन्होंने साफ तौर पर यह समझाया है कि इस समय पाकिस्तान अकेले महंगाई से नहीं जूझ रहा, बल्कि पूरी दुनिया जूझ रही है। जबकि, उन्होंने यह भी बताया है कि कोविड से पहले जो पाकिस्तान में महंगाई थी, यह उनसे पहले की सरकार की नीतियों की वजह से थीं, यानी उसमें वह कुछ भी नहीं कर सकते थे।

'महंगाई सिर्फ पाकिस्तान का मुद्दा नहीं है.....'
इमरान खान ने का एक वीडियो उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है, जिसमें वह कह रहे हैं कि महंगाई ऐसी समस्या है, जिसके चलते रातों में कई बार उनकी नींद टूट जाती है और वे जागते रहते हैं। उन्होंने देश की जनता में मायूसी फैलाने का आरोप मीडिया के एक वर्ग पर लगाते हुए कहा है, "बदकिस्मती से ऐसे भी हैं जो सारा वक्त मायूसी फैला देते हैं। महंगाई इस वक्त दुनिया का घटनाक्रम है। महंगाई सिर्फ पाकिस्तान का मुद्दा नहीं है....."

लाइव शो में इमरान ने रखी अपनी बात
वे बोले की दो किस्म की महंगाइयां आई हैं। एक तो जब उन्हें हुकूमत मिली थी। उनके मुताबिक तब पाकिस्तान के आयात और निर्यात में बहुत बड़ा अंतर था। उनके अनुसार पाकिस्तान के पास डॉलर नहीं बचे थे। इस चक्कर में आयात का खर्च बहुत बढ़ गया और डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की कीमत बहुत ही कम रह गई। जबकि, उनके मुताबिक अभी की जो महंगाई है, पूरी दुनिया में है। इमरान एक लाइव प्रोग्राम 'आप का वजीर-ए-आजम, आप के साथ' में बोल रहे थे। उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते ब्रिटेन 30 वर्षों में सबसे ज्यादा महंगाई झेल रहा है।
इमरान की बेबसी, उन्हीं की जुबानी
उनके हवाले से पीटीआई ने लिखा है, 'आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती मुद्रास्फीति और वस्तुओं की बढ़ती कीमतों की हैं। बढ़ते दामों के कारण आम जनता को हो रही दिक्कतों से मैं अच्छी तरह वाकिफ हूं।' उन्होंने कहा कि "महंगाई की पहली लहर तो तब आई जब रुपया नीचे गया। एक महंगाई तो उसकी वजह से आई। अभी जो महंगाई की लहर आई हुई है, वह कोरोना की वजह से दुनिया के अंदर जो सप्लाई की किल्लत आई है, यह उसकी लहर आई हुई है। "












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